देहरादून : हाई प्रोफाइल लूटकांड की वारदात में शामिल पुलिस महानिरीक्षक (आइजी) गढ़वाल की सरकारी स्कॉर्पियो को आखिरकार डालनवाला कोतवाली की पुलिस ने सीज कर दी है। गाड़ी को माल मुकदमा घोषित करते हुए पुलिस लाइन से लाकर डालनवाला कोतवाली में खड़ा कर दिया गया है। इसी सरकारी गाड़ी से तीन पुलिसकर्मियों ने प्रॉपर्टी डीलर से मोटी रकम लूट ली थी।उत्तराखंड पुलिस के दामन को कलंकित करने वाली यह वारदात चार अप्रैल की रात को अंजाम दी गई थी।
प्रापर्टी डीलर अनुरोध पंवार निवासी कैनाल रोड, बल्लूपुर वारदात के दिन डब्ल्यूआइसी में कांग्रेसी नेता अनुपम शर्मा से प्रॉपर्टी से संबधित रकम लेने गए थे। वहां से लौटते समय होटल मधुबन के सामने एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो के चालक ने ओवरटेक कर उन्हें रोक लिया। उनके रुकते ही स्कॉर्पियो से दो वर्दीधारी पुलिसकर्मी उतरे। चुनाव की चेकिंग के नाम पर उन्होंने कार की तलाशी ली और उसमें रखा बैग कब्जे में ले लिया।
अनुरोध ने कारण पूछा तो वर्दीधारियों ने बताया कि स्कॉर्पियो में आइजी बैठे हैं और वे वाहनों में ले जाए जा रहे कैश की चेकिंग कर रहे हैं। कैश जब्त कर गाड़ी में रख दिया गया। एक पुलिसकर्मी अनुरोध के साथ उनकी कार में आइजी की कार के साथ चलने लगा। सर्वे चौक के पास अनुरोध के साथ बैठे पुलिसकर्मी ने कार रोक दी और खुद उतर गया। उसने उन्हें धमकाकर वहां से चुपचाप चले जाने को कहा। अगले दिन अनुरोध ने दून पुलिस से संपर्क किया।
नकदी जब्त करने की बात सुन पुलिस हैरान रह गई, क्योंकि किसी भी स्तर पुलिस तक यह जानकारी नहीं पहुंची थी। तब पुलिस ने जांच शुरू की तो पाया कि स्कार्पियो आइजी गढ़वाल के नाम आवंटित है और उसमें बैठे दारोगा दिनेश नेगी, सिपाही हिमांशु उपाध्याय और मनोज अधिकारी ने वारदात को अंजाम दिया है। गहन जांच के बाद दस अप्रैल को डालनवाला कोतवाली में लूट की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया।
– सुनील तलवाड़


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