पंजाब में अमृतसर स्थित दरबार साहिब पर जून 1984 में हुई सैनिक कार्रवाई ‘आप्रशेन ब्लू स्टार’ की आज 35वीं बरसी खालिस्तानी नारों और तलवारवाजी के बीच शांतिपूर्वक सम्पन हो गई। शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक समिति द्वारा आयोजित बरसी कार्यक्रम के पश्चात अकाल तख्त के स्वघोषित जत्थेदार ध्यान सिंह मंड द्वारा अकाल तख्त के सामने सिख समुदाये के नाम संदेश पढ़ने की कोशिश को असफल करने के लिए उत्तेजित लोगों और एसजीपीसी के कार्यक्रताओं के बीच जम कर धक्का मुक्की हुई।
इस दौरान ध्यान सिंह मंड को धक्के मार कर बाहर निकाल दिया गया। जिसके विरोध में शिरोमणि अकाली दल मान तथा ध्यान सिंह मंड के समर्थकों ने खालिस्तान समर्थक नारेबाजी की तथा हवा में तलवारें भी लहराई। इस दौरान श्री अकाल तख्त साहिब के सामने लगी लोहे की ग्रिल भी क्षतिग्रस्त हो गई।
हालांकि इस दौरान किसी के भी घायल होने की सूचना नहीं है। दमदमी टकासल ने संत समाज के प्रमुख हरनाम सिंह के नेतृत्व में अमृतसर के चौक मेहता स्थित अपने मुख्यालय में आप्रेशन ब्लू स्टार की बरसी पर कार्यक्रम का आयोजन किया था जबकि अमरीक सिह अजनाला ग्रुप ने अजनाला में कार्यक्रम का आयोजन किया था। बरसी के मद्देनजर स्वर्ण मंदिर के आसपास सुरक्षा के कड़ इंतजाम किए गए हैं।
गुरु नगरी के चप्पे-चप्पे में पुलिस व अर्धसैनिक बलों के जवान आधुनिक हथियारों के साथ शहर के भीतरी व तंग बाजारों में तैनात है। अमृतसर के गांव हर्षा छीना-कुकड़वाला में नाके के पास मिले दो हैंड ग्रेनेड के बाद जिला पुलिस प्रशासन ने ऑपरेशन ब्लू स्टार की 35वीं बरसी में किसी भी संभावित घटना को रोकने के लिए गुरु नगरी को छावनी में तब्दील कर दिया है।


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