खाकी को सलाम : पूरे राजकीय सम्मान के साथ लुधियाना एसीपी का हुआ अंतिम संस्कार

Summary :

पिछले 5 दिनों से कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहे 52 वर्षीय लुधियाना के एसीपी अनिल कोहली की अस्पताल में वेंटीलेटर पर मौत के बाद आम जनता और प्रशासनिक अधिकारियों समेत सियासी नेताओं ने शहीद करार देते हुए उन्हें अपने-अपने घरों में ही बैठकर श्रद्धांजलि दी

लुधियाना : पिछले 5 दिनों से कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहे 52 वर्षीय लुधियाना के एसीपी अनिल कोहली की अस्पताल में वेंटीलेटर पर मौत के बाद आम जनता और प्रशासनिक अधिकारियों समेत सियासी नेताओं ने शहीद करार देते हुए उन्हें अपने-अपने घरों में ही बैठकर श्रद्धांजलि दी और प्रशासन ने भी पूर्ण सावधानीयों का उपयोग करते हुए ढोलेवाल स्थित शमशान घाट में बिजली चलित शवदाह गृह में एसीपी का राजकीय सम्मान के साथ संस्कार किया। इस अवसर पर लुधियाना के सांसद रवनीत सिंह बिटटू और डिप्टी कमीश्रर प्रदीप अग्रवाल समेत पुलिस कमीश्रर राकेश अग्रवाल भी मोजूद थे जबकि शहर निवासियों की तरफ से मेयर बलकार सिंह सिद्धू ने अन्य विभागीय अफसरों की तरफ से दूर से ही श्रद्धांजलि दी। 
इस अवसर पर पुलिस टुकड़ी ने उलटे हथियार करके अपने उच्च अधिकारी को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इससे पहले अस्पताल में उपचारदीन एसीपी की पत्नी ने अपने पति के अंतिम दर्शनों के लिए अस्पताल से ही पर्सनल प्रोटैक्शन कीट पहनकर दर्शन किए। जबकि एसीपी के छोटे बेटे ने पी.पी.ई किट पहनकर अपने पिता के अंतिम संस्कार में हिस्सा लिया हालांकि उनका सैंपल नेगेटिव आ चुका है जबकि एसीपी का बड़ा अपने पिता के अंतिम दर्शन नहीं कर सका, वह कनाडा में सेटल है और इन दिनों अंतरराष्ट्रीय फलाइट बंद है। कोरोना के खिलाफ फ्रंट लाइन पर जंग लड़ते हुए शहादत का जाम पीने वाले अनिल कोहली का जन्म जालंधर में हुआ और वही प्राइमरी शिक्षा उन्होंने अपने गांव से ही पूरी की जबकि उनके पिता रेलवे में अधिकारी थे। पंजाब में जब आतंकवाद चरम सीमा पर था, तो उन दिनों 19 फरवरी 1990 को वह पटियाला में एएसआई के पद पर भर्ती हुए और उन्होंने सब-इंस्पेकटर और इंस्पेकटर के पद पर सूबे के कई हिस्सों में अपनी डयूटी ईमानदारी और तनदेही से निभाई। अप्रैल 2016 में वह डीएसपी के पद पर प्रमोट हुए और इसके बाद उन्होंने खन्ना, फिरोजपुर, फतेहगढ़ साहिब और एसबीएस नगर समेत होशियारपुर और लुधियाना में सेवाएं दी। लुधियाना में अंतिम सेवाओं के दौरान उन्होंने दिन-रात एक करके कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मेहनत की और आखिर कोरोना की जंग के दौरान उन्होंने शहादत का जाम पिया। इस दौरान पंजाब सरकार ने 50 लाख रूपए एक्स ग्रेशिया देने की घोषणा की है।  
लुधियाना के पुलिस कमीश्रनर कमीश्रर राकेश अग्रवाल ने अपनी फोर्स का मनोबल उच्चा उठाने के लिए संदेश के दौरान कहा कि कोरोना को लेकर अनिल कोहली को जो भी डयूटी सौपी गई, उन्होंने तनदेही से पूरा किया और उनकी शहादत को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएंगा। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस ने आतंकवाद खत्म किया था, उसी तरह कोरोना को खत्म किया जाएंगा।  
– सुनीलराय कामरेड

Shera Rajput