राजस्थान की राजधानी जयपुर में साल 2008 में बम विस्फोट मामले में आज कोर्ट ने चारों दोषियों को शुक्रवार को फांसी की सजा सुनाई है। विशेष कोर्ट के न्यायाधीश अजय कुमार शर्मा ने शुक्रवार शाम यह सजा सुनाई। वरिष्ठ लोक अभियोजक श्रीचंद ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘चारों दोषियों को फांसी की सजा दी गयी है और 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।’’
विशेष कोर्ट ने बुधवार को दिए फैसले में जयपुर बम विस्फोट मामले में चारों आरोपियों मोहम्मद सरवर आजमी, मोहम्मद सैफ, मोहम्मद सलमान और सैफुर्रहमान को दोषी ठहराया जबकि एक आरोपी शाहबाज हुसैन को दोषमुक्त करार दिया। कोर्ट ने चारों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 307,324, 326, 120 बी, 121ए और 124 ए, 153 ए के तहत दोषी माना है।
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इसके अलावा विस्फोट पदार्थ अधिनियम की धारा तीन के तहत तथा विधि विरूद्ध क्रियाकलाप अधिनियम की धारा 13, 16, 1 ए और 18 के तहत भी उन्हें दोषी ठहराया है। जयपुर सिलसिलेवार विस्फोट में कुल 71 लोगों की मौत हुई थी तथा 185 लोग घायल हुए थे। राजस्थान की राजधानी जयपुर में 13 मई 2008 को शाम लगभग सवा सात बजे 15 मिनट में सिलसिलेवार आठ बम धमाके हुए थे।
लगभग 11 साल पहले हुए इन आठ सिलसिलेवार बम धमाकों ने जयपुर के परकोटे शहर को हिला दिया था। पहला धमाका चांदपोल हनुमान मंदिर और उसके बाद दूसरा सांगानेरी गेट हनुमान मंदिर पर हुआ था। इसके बाद बड़ी चौपड़, जोहरी बाजार, छोटी चौपड़ और तीन अन्य स्थानों पर धमाके हुए थे।
बम धमाके के बाद राज्य सरकार की सिफारिश पर हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए विशेष कोर्ट गठित की थी। इन पांच के अलावा विस्फोट मामले में आरोपी शादाब, मोहम्मद खालिद व साजिद अब भी फरार हैं जबकि दो आरोपी मोहम्मद आतिफ व छोटा साजिद सितंबर 2008 में दिल्ली के बाटला हाउस मुठभेड़ में मारे गए थे।


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