राजस्थान में निकाय चुनावों के शुरुआती परिणामों में कांग्रेस आगे

Summary :

वार्ड छह में कांग्रेस प्रत्याशी हरदेव सिंह को एक भी मत नहीं मिला। यहां कुल 16 मत डाले गए जो सभी बीजेपी प्रत्याशी महेंद्र डाबी के पक्ष में गए।

राजस्थान में 49 नगर निकायों में 2000 से अधिक पार्षदों के चुनाव के लिए मतगणना मंगलवार सुबह शुरू हुई और शुरुआती परिणामों में विजयी पार्षदों की संख्या के लिहाज से सत्तारूढ़ कांग्रेस अपनी मुख्य प्रतिद्वंद्वी बीजेपी से आगे निकलती दिख रही है। किस नगर निकाय में किस पार्टी का बोर्ड बनेगा इसका फैसला पूरे परिणाम सामने आने के बाद ही होगा। 
राज्य निर्वाचन विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध दोपहर 12 बजे तक के परिणाम के अनुसार कुल मिलाकर कांग्रेस के 504, बीजेपी  के 410, बसपा के 12 व माकपा के दो प्रत्याशी अब तक जीत दर्ज कर चुके हैं। इसमें रोचक यह भी है कि 204 वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशी भी जीत चुके हैं। मतगणना सुबह आठ बजे शुरू हुई और शाम तक सभी परिणाम आने की उम्मीद है। इस बीच राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुरुआती परिणामों को उम्मीदों के अनुरूप बताया है। 
उन्होंने संवाददताओं से कहा, ‘‘उम्मीद और अपेक्षा के अनुकूल ही निकाय चुनाव में परिणाम आते दिख रहे है…यह बहुत प्रसन्नता की बात है कि सरकार जिस रूप में परफॉर्म कर रही है उसी रूप में जनता ने मैंडेट दिया है।’ गहलोत ने कहा, ‘‘मैं जनता को कहना चाहूंगा कि आप निश्चिंत रहें, हम लोग काम करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।’  
अजमेर जिले की ब्यावर नगर परिषद में बीजेपी सबसे बड़ा दल बनकर उभरी है। यहां 60 वार्डों में 29 पर बीजेपी, 16 पर कांग्रेस और 15 पर निर्दलीयों ने बाजी मारी है। यहां बीजेपी का निर्दलियों के समर्थन से बोर्ड बनना माना जा रहा है। यहां कुल 228 उम्मीदवारों ने अपना भाग्य अजमाया और 68.85 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। 
परिणामों से स्पष्ट है कि अजमेर जिले की ब्यावर, पुष्कर और नसीराबाद में बीजेपी के बोर्ड बनना करीब तय है। वहीं अजमेर की नसीराबाद नगरपालिका में एक वार्ड में कांग्रेस प्रत्याशी को एक भी मत नहीं मिला। मतगणना के बाद यहां बीजेपी के 10 पार्षद, कोंग्रेस के 8  और दो निर्दलीय निर्वाचित हुए। 
उल्लेखनीय है कि राज्य में तीन नगर निगमों, 18 नगर परिषद और 28 नगरपालिकाओं यानी कुल 49 निकायों में सदस्य पार्षद पद के लिए शनिवार को मतदान हुआ था। चुनाव में कुल 71.53 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। इन 49 निकायों में कुल 2105 वार्डों में चुनाव होना था जिनमें से 14 वार्डों में पार्षद निर्विरोध चुने जा चुके हैं। 
बाकी 2081 वार्ड में 7942 उम्मीदवार अपना चुनावी भाग्य आजमा रहे हैं जिनमें 2832 महिलाएं व 5109 पुरुष प्रत्याशी शामिल हैं। पार्षद चुने जाने के बाद तय कार्यक्रम के अनुसार नगर निकायों में अध्यक्ष का चुनाव 26 नवंबर व उपाध्यक्ष का 27 नवंबर को करवाया जाएगा। 

Desk Team