भारतीय वायुसेना का लड़ाकू विमान मिग..27 मंगलवार को राजस्थान के जैसलमेर जिले के पोखरण तहसील के एटा गांव में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। रक्षा प्रवक्ता कर्नल सोम्बित घोष ने बताया कि पायलट विमान से सुरक्षित बाहर निकल आया।
घोष ने कहा, ‘‘मिग 27 आज शाम जैसलमेर से उड़ान भरने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह विमान नियमित उड़ान पर था। पायलट विमान से सुरक्षित तरीके से बाहर निकल गया। एक कोर्ट आफ इंक्वायरी दुर्घटना के कारणों की जांच करेगी।’’
जैसलमेर की पुलिस अधीक्षक किरण कांग ने बताया कि इसमें किसी के हताहत होने की अभी तक कोई जानकारी नहीं है। पुलिस की एक टीम वायुसेना अधिकारियों के साथ सम्पर्क में है।’’ उन्होंने कहा कि पुलिस की एक टीम को मौके पर भेजा गया है।
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इस विमान दुर्घटना से कुछ घंटे पहले दिल्ली में वायुसेना के वाइस चीफ एयर मार्शल अनिल खोसला ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा था कि पायलट की जान सबसे कीमती होती है और प्राथमिकता सूची में अन्य कारक उसके बाद आते हैं।
उन्होंने कहा था, “जब भी दुर्घटनाओं की खबर आती है, वरिष्ठ अधिकारियों की पहली प्रतिक्रिया होती है – पायलट सुरक्षित है या नहीं? उसके बाद विमान के दुर्घटनाग्रस्त होकर गिरने के चलते जमीन पर होने वाले जान माल के नुकसान और फिर विमान का अता-पता चलने एवं उसकी सुरक्षा पर बात होती है। चीजें इस क्रम में होती हैं।”
उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पक्षियों की गतिविधियों पर भी जागरुकता बढ़ाने की जरूरत है जो दुर्घटनाओं के कारणों में से एक है। साथ ही उन्होंने विमान क्षेत्र के नजदीक आबादी बसने की ओर भी इशारा किया जिससे पक्षियों का आना-जाना बढ़ जाता है।
दिल्ली में यह संवाददाता सम्मेलन वायुसेना के शक्ति प्रदर्शन वायु शक्ति 2019 को लेकर हुआ था। यह शक्ति प्रदर्शन इस सप्ताह के अंत में पोखरण रेंज में होना है।


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