गहलोत सरकार के मंत्रिमंडल गठन का आज शाम को आ सकता है फैसला, दिल्ली में मंथन जारी

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जयपुर : राजस्थान में गहलोत सरकार के मंत्रिमंडल के गठन को लेकर आज शाम को फैसला कर लेने की संभावना हैं। मिली जानकारी के अनुसार मंत्रिमंडल को लेकर दिल्ली में मंथन किया जा रहा है और शाम पांच बजे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट मंत्रियों के नामों पर मंथन करने के बाद इस बारे में फैसला आने की संभावना जताई जा रही हैं।

मंत्रियों के नामों पर एकराय बनाने के लिए श्री गहलोत एवं श्री पायलट की पार्टी के राज्य में प्रभारी अविनाश पांडे एवं चुनाव में कांग्रेस पर्यवेक्षक के सी रेणुगोपाल के साथ मुलाकात एवं बैठक का दौर चल रहा हैं और इसके बाद श्री राहुल गांधी के साथ बैठक होगी। इस मौके कांग्रेस के कई विधायक भी दिल्ली में मौजूद हैं। माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल के बारे में फैसला होते ही सोमवार तक मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई जा सकती है।

विधानसभा अध्यक्ष बनाने को लेकर भी फैसला हो सकता है। इस बार मंत्रिमंडल के गठन को लेकर मुख्यमंत्री तथा पार्टी के अन्य नेताओं को आलाकमान के पास जाना पड़ जबकि मुख्यमंत्री स्तर पर मंत्रियों के नाम आलाकमान को बताकर इस बारे में फैसला कर लिया जाता था।

Congress ने निभाया वादा, गहलोत सरकार ने किसानों का कर्ज किया माफ

अपने सबसे बड़े चुनावी वादे को पूरा करते हुए राजस्थान की नवनिर्वाचित अशोक गहलोत सरकार ने किसानों का कर्ज माफ करने की घोषणा बुधवार रात कर दी। इससे सरकारी खजाने पर लगभग 18000 करोड़ रुपये का बोझ आएगा। गहलोत ने मुख्यमंत्री बनने के दो दिन में ही यह बड़ी घोषणा की है।

गहलोत ने मुख्यमंत्री पद का कार्यभार संभालने के पहले दिन वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में यह फैसला किया। उन्होंने बुधवार रात संवाददाताओं को बताया कि इसके तहत राज्य के किसानों का सहकारी बैंकों का सारा बकाया कर्ज माफ किया जाएगा। वहीं वाणिज्यिक, राष्ट्रीयकृत व ग्रामीण बैंकों में कर्जमाफी की सीमा दो लाख रुपये रहेगी।

उन्होंने कहा कि कर्ज की गणना के लिए 31 नवंबर 2018 की समयसीमा तय की गयी है। सरकार के इस कदम से सरकारी खजाने पर करीब 18000 करोड़ रुपये का बोझ आएगा।

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने चुनाव प्रचार के दौरान घोषणा की थी कि राज्य में कांग्रेस की सरकार बनते ही दस दिन में किसानों का कर्ज माफ कर दिया जाएगा। गहलोत ने इसी सोमवार को अपने पद की शपथ ली थी। बुधवार को उन्होंने मुख्यमंत्री पद का कार्यभार संभाला और रात में इस कर्जमाफी की घोषणा की।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा,’ पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने चुनाव अभियान के दौरान वादा किया था कि हमारी सरकार बनेगी तो हम दस दिन में कर्ज माफ करेंगे। हमने अपने चुनाव घोषणा पत्र में भी यह बात रखी थी।’ इसी प्रतिबद्धता को पूरा करने के लिए आज ही इस आशय के आदेश जारी कर दिए गए।

उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने सहकारी बैंकों से अल्पकालीन या फसली कर्ज ले रखा है उनका बाकी का कर्ज माफ होगा। वहीं वाणिज्यिक, राष्ट्रीयकृत, ग्रामीण व अन्य बैंकों के कर्जदार किसानों का दो लाख रुपये तक कर्ज माफ होगा। यह कर्जमाफी किसानों की पात्रता के आधार पर होगी और इसके लिए 31 नवंबर 2018 की सीमा तय की गयी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती वसुंधरा राजे सरकार किसानों के 50 हजार रुपये तक के कर्जमाफ करने के अपने वादे को भी पूरा नहीं की। गहलोत के अनुसार अपनी कर्जमाफी के तहत वसुंधरा सरकार को कुल 8000 करोड़ रुपये को बोझ उठाना था लेकिन वह 2000 करोड़ रुपये ही चुकाकर 6000 करोड़ रुपये का बोझ इस सरकार के लिए छोड़ गयी। गहलोत ने इससे पहले मुख्यमंत्री कार्यालय में आला अधिकारियों के साथ विस्तृत विचार विमर्श किया।

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