Jaisalmer Bus Fire : पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने घायलों से की मुलाकात, उठाई जांच की मांग

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Jaisalmer Bus Fire : पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को जैसलमेर बस हादसे में घायल हुए लोगों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह बहुत गंभीर घटना है, 21 लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि अस्पताल पहुंचकर घायल लोगों से मुलाकात की है। कई लोग वेंटिलेटर पर हैं और कई लोग खतरे से बाहर हैं। हम मांग करते हैं कि घायलों का अच्छा इलाज किया जाए। उन्होंने कहा कि इस घटना में मारे गए लोगों का डीएनए टेस्ट कब तक पूरा होगा, बताया जाए ताकि शव परिजनों को सौंपे जाएं। आज जोधपुर के महात्मा…

Jaisalmer Bus Fire : पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को जैसलमेर बस हादसे में घायल हुए लोगों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह बहुत गंभीर घटना है, 21 लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि अस्पताल पहुंचकर घायल लोगों से मुलाकात की है। कई लोग वेंटिलेटर पर हैं और कई लोग खतरे से बाहर हैं। हम मांग करते हैं कि घायलों का अच्छा इलाज किया जाए। उन्होंने कहा कि इस घटना में मारे गए लोगों का डीएनए टेस्ट कब तक पूरा होगा, बताया जाए ताकि शव परिजनों को सौंपे जाएं।

अशोक गहलोत ने एक्स पर शेयर की जानकारी

उन्होंने कहा कि इस घटना की जांच होनी चाहिए। अगर घटना की जांच नहीं की गई तो आगे और भी घटनाएं हो सकती हैं। गाड़ी को फिटनेस सर्टिफिकेट कैसे मिला, इस बात की भी जांच होनी चाहिए। घटना के शिकार लोगों के लिए अभी तक मुआवजा भी घोषित नहीं हुआ है। कांग्रेस नेता और पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए लिखा कि जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल में जैसलमेर बस हादसे में जान गंवाने वाले यात्रियों के परिजनों से मुलाकात की एवं उन्हें हिम्मत बंधाई। यहां मौजूद इन पीड़ित परिजनों ने अपनी व्यथा बताई।

पूर्व सीएम ने जांच की मांग की

पीड़ितों ने उनके सामने आ रही दिक्कतों के बारे में बताया, जिसको लेकर मुख्यमंत्री एवं जोधपुर प्रशासन को अवगत करवाया। उपस्थित डॉक्टरों से घायलों की स्थिति की जानकारी ली। मैं ईश्वर से घायलों के जल्द स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं। वहीं, राजस्थान में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने जोधपुर के सर्किट हाउस में मीडिया से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस लगातार सरकार को घेर रही है। जब भी कोई समस्या होती है तो सरकार के किसी नुमाइंदे के द्वारा जिम्मेदारी तय नहीं की जाती है। पहले विद्यालय गिर गया तो शिक्षा मंत्री से हमने इस्तीफा मांगा, लेकिन वह इस्तीफा नहीं हुआ।

Rahul Kumar Rawat