राजस्थान में सियासी हलचल खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। खड़गे कांग्रेस के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए है। फिर भी वो इस मामले को अभी तक सुलझा नहीं पाए है। राजस्थान सीएम अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच तकरार बढ़ती जा रही है। पायलट खुलेआम गहलोत पर निशाना साध रहे है, जिस वजह से कांग्रेस में उथलपुथल मची हुई है। कहा जा रहा कि पायलट गुट चाहता है कि खड़गे अब इन मामलों में जल्द कोई फैसला ले। लेकिन खड़गे ने अभी तक कोई निर्णय लिया नहीं है, जिसके बाद अब पायलट खेमा भी अंतिम प्रयासों में जुटता नजर आ रहा है। वही, सवाल ये भी उठ रहा कि पार्टी हाईकमान अभी तक इस मामले में कोई निर्णय क्यों नहीं ले पाया है।
पायलट गुट आखिरी प्रयासों में जुटी
दरअसल, पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के बांसवाड़ा में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की तारीफ की थी। जिसपर सचिन पायलट ने चुटकी लेते हुए गहलोत पर निशाना साधा था। इतना ही नहीं इस पर सचिन पायलट ने भी अपनी शंका जाहिर की थी। पायलट ने कहा, “प्रधानमंत्री जी ने इसी तरह सदन में गुलाम नबी आजाद की तारीफ की थी और उसके बाद का घटनाक्रम हम सबने देखा है। लिहाजा हमें इस घटनाक्रम को हल्के में नहीं लेना चाहिए।”
पार्टी जल्द कार्रवाई करेगी
वही, पायलट ने आगे कहा कि अब समय आ गया है कि कांग्रेस राजस्थान में राजनीतिक अनिर्णय की स्थिति को समाप्त करे। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एक सार्वजनिक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की बड़ाई किए जाने पर कटाक्ष करते हुए इसे ‘रोचक घटनाक्रम’ बताया और कहा कि इसे हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।
पायलट ने कहा, “जहां तक अनुशासनहीनता के खिलाफ कार्रवाई का सवाल है तो यह मल्लिकार्जुन खड़गे, अजय माकन, केसी वेणुगोपाल जी के पूरे संज्ञान में है। उस पर भी जल्द कार्रवाई होगी।” उन्होंने कहा, “राजस्थान में यह जो अनिर्णय का माहौल बना हुआ है, मुझे लगता है कि उसे भी समाप्त करने का समय आ गया है और पार्टी इस दिशा में बहुत जल्द कार्रवाई करेगी।”


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