राज्यसभा नहीं, अजमेर लोकसभा उपचुनाव लड़ाने की मांग कर रही है पार्टी

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 को आम आदमी पार्टी राज्यसभा भेजेगी या नहीं, इसको लेकर हो रही खींच-तान के बीच पार्टी की राजस्‍थान इकाई ने विश्‍वास को अजमेर लोकसभा उपचुनाव लड़ाने की मांग उठ गई है। मांग ऐसे समय पर की गई है जब कुमार विश्‍वास पार्टी से पहले ही खुद को राज्‍यसभा उम्‍मीदवार के लिए घोषित करने की बात कह चुके हैं।

केंद्रीय मंत्री सांवर लाल जाट की मृत्यु के बाद अजमेर में उपचुनाव कराना जरूरी हो गया है। हालंकि चुनाव आयोग ने अभी तक कोई तारीख तय नहीं की गयी है। आम आदमी पार्टी की राजस्थान टीम के पांच लोग सोमवार शाम दिल्ली पहुंचे। सुनील आगिवाल ने कहा,की हमने अजमेर लोकसभा उपचुनाव के लिए कुमार विश्‍वास को उम्‍मीदवार बनाने का प्रस्‍ताव रखा है। यहां जल्‍द ही चुनाव होने वाला है।

विश्‍वास हमेशा हमलोगों से कहते रहे हैं कि उनका परिवार अजमेर में है। साथ ही उन्‍होंने बताया कि इस बात को लेकर पार्टी नेताओं का एक दल राजनीतिक मामलों की समिति से मुलाकात करेगी। समिति ‘आप’ की राजनीतिक मामलों से जुड़े फैसले लेने वाली सर्वोच्‍च संस्‍था है।

सुनील का दावा है कि कुमार विश्वास के उपचुनाव लड़ने से फंड की दिक्कत भी नहीं होगी। कुमार राजस्थान के प्रभारी हैं और उनके नेतृत्व में पार्टी की यूथ विंग राजस्थान के कॉलेजों में भी चुनाव जीती है। अगर कुमार यह चुनाव लड़ते हैं तो पार्टी को लोकसभा का एक और सदस्य मिल जाएगा। साथ ही, 2018 के राजस्थान विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के पक्ष में अच्छा माहौल बनेगा। वही सुनील ने कहा की विश्वास अमेठी से लोकसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं और अगर वह अजमेर उपचुनाव जीतते हैं तो अमेठी का दाग भी धुल जाएगा।

सुनील ने कहा कि पार्टी की राजस्थान टीम चाहती है कि कुमार विश्वास जैसे लोकप्रिय नेता को राज्यसभा के रास्ते नहीं, बल्कि चुनाव लड़कर संसद पहुंचना चाहिए। उन्होंने कुमार के सामने भी अपनी बात रखी, जिसके जवाब में उन्होंने कहा कि कौन चुनाव लड़ेगा इसका फैसला पीएसी करती है।

सुनील ने कुमार विश्‍वास से इस मुद्दे पर बात करने का भी दावा किया है। इस नेता ने कहा, ‘पार्टी ही कुमार विश्‍वास के खिलाफ गड़बड़ी करने की कोशिश कर रही है। अजमेर से उपचुनाव लड़ा कर विश्वास को राज्‍यसभा का उम्‍मीदवार न बनाने का बहाना मिल जाएगा। पार्टी में ही कुछ ऐसे तत्‍व हैं जो विश्‍वास के खिलाफ काम कर रहे हैं।’ मालूम हो कि आम आदमी पार्टी दो खेमों में बंट गई है। एक का प्रतिनिधित्‍व कुमार विश्‍वास कर रहे हैं तो दूसरी तरफ अमानतुल्‍ला खान जैसे राजनीतिक मामलों की समिति से जुड़े नेता हैं।

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Desk Team