उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी की घटना ने ऐसा सियासी उबाल पैदा किया है, जो थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा की जांच उच्चतम न्यायालय के किसी मौजूदा न्यायाधीश से कराने की मंगलवार को मांग की।
राज्य की जांच एजेंसियों पर भरोसा नहीं- पायलट
पायलट ने टौंक के अपने दौरे के दौरान संवाददाताओं से कहा, ‘‘जांच उच्चतम न्यायालय के एक मौजूदा न्यायाधीश द्वारा की जानी चाहिए क्योंकि लोगों को राज्य की जांच एजेंसियों पर भरोसा नहीं है कि उन्हें इस मामले में न्याय मिलेगा।’’ उन्होंने कहा कि लखीमपुर खीरी में जो हुआ वह दिल दहला देने वाला था। पायलट ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा को हिरासत में लिये जाने की भी निंदा की। उन्होंने कहा कि ‘‘यह कांग्रेस के बारे में नहीं बल्कि लोकतंत्र और किसानो के बारे में है।’’
पायलट ने सुनी किसानों की समस्याएं-
पायलट ने लंबाकला गांव का दौरा किया जहां उन्होंने ‘प्रशासन गांवों के संग’ के तहत एक शिविर में भाग लिया और लोगों को पट्टे वितरित किये। उसके बाद पायलट गेंडिया गांव गये जहां उन्होंने खुले में चारपाई पर बैठकर किसानों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं।


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