सर्वोच्च न्यायालय ने 2018 में राजस्थान के अलवर में एक चुनाव प्रचार के दौरान कथित रूप से दिए गए आपत्तिजनक भाषण के मामले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया।
याचिका खारिज कर लगाया, 5,000 रुपये का जुर्माना
न्यायमूर्ति बी.आर. गवई ने याचिकाकर्ता के वकील से कहा कि इस तरह के मुकदमे अखबारों के पेज एक के लिए होते हैं।आपको बता दें कि याचिका मऊ जिले के नवल किशोर शर्मा ने दायर की थी। याचिकाकर्ता ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत का रुख किया, जिसने उसकी याचिका खारिज कर दी और 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
कब और कहां का है पूरा मामला ?
याचिका पर विचार करने से इनकार करते हुए पीठ में शामिल न्यायमूर्ति विक्रम नाथ ने कहा, याचिकाकर्ता ने दावा किया था कि आदित्यनाथ ने नवंबर 2018 में अलवर में एक चुनावी भाषण में उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई थी। याचिकाकर्ता ने प्रारंभ में भाषण के खिलाफ मऊ की जिला अदालत में परिवाद दायर किया था, जिसे खारिज कर दिया गया था। बाद में उन्होंने उच्च न्यायालय का रुख किया, उसने भी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।


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