राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों के दोगुना होने की दर एक सप्ताह में 94 दिनों घटकर 45 दिन रह गयी है। इस दौरान सक्रिय मामले और मृत्यु दर तेजी से बढी है। राज्य में रविवार को संक्रमण के 67,135 उपचाराधिन मामले थे। राज्य में चिंताजनक स्थिति को देखते हुए सरकार ने संक्रमण की चेन को तोड़ने और वायरस के प्रसार को रोकने के लिये लॉकडाउन लगया है।
राज्य में 11 अप्रैल को सक्रिय मामलों के दोगुना होने में जहां 94 दिनों का समय लगता था वह 18 अप्रैल को घटकर 45 दिन रह गया। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के शासन सचिव सिद्धार्थ महाजन ने बताया कि मौजूदा दर के मुताबिक राज्य में संक्रमण के मामले अब 45 दिनों में दोगुने हो जाएंगे।
उन्होंने कहा कि राज्य में साप्ताहिक सक्रंमण दर और मृत्यु दर तेजी से बढ़े हैं। रविवार को मुख्यमंत्री की कोरोना समीक्षा बैठक में राज्य में सक्रमण में वृद्धि दर और मौत पर प्रस्तुतिकरण के दौरान बताया कि पिछले महीने राज्य में 31 मौतें हुई थी लेकिन अप्रैल माह में 17 दिनों में 291 लोगों मौत हो चुकी है। यह लगभग 10 गुणा ज्यादा है।
चार सप्ताह पहले साप्ताहिक संक्रमण की दर 2.27 प्रतिशत थी जो अब बढकर 12.91 प्रतिशत हो गई है। समीक्षा बैठक के बाद राज्य में लॉकडाउन जैसे प्रतिबंधों की घोषणा की गईं। उन्होंने बताया कि पिछले साल के मुकाबले कोरोना वायरस की दूसरी लहर अधिक घातक और खतरनाक है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष 17 अप्रैल को मृत्यु दर 3 प्रतिशत थी जो इस वर्ष 17 अप्रैल को 37 प्रतिशत हो गईं।
इसी तरह पिछले वर्ष जयपुर में 17 अप्रैल को संक्रमण के 8 मामले आये थे लेकिन इस वर्ष उसी दिन राजधानी में 1,484 नए मामले सामने आये हैं। उन्होंने बताया कि जैसलमेर में साप्ताहिक संक्रमण की दर 4 प्रतिशत है। जेसलमेर राजस्थान का भौगोलिक रूप से सबसे बड़ा जिला है और यहां लोग दूर दराज में रहते हैं।
राजस्थान में रविवार को रिकार्ड संक्रमण के 10,262 नए मामले सामने आए हैं। राज्य में इस घातक संक्रमण में 42 लोगों की मौत हुई, जो एक दिन में मरने वालों की सर्वाधिक संख्या है। इसी के साथ राज्य में अब तक संक्रमित की संख्या बढकर 4,14,617 हो गई और राज्य में अब तक इस घातक संक्रमण से 3151 लोगों की मौत हो चुकी है।


Download Android App
Download iOS App



