गाबा के हीरो ने क्रिकेट को कहा अलविदा, भावुक हुए फैंस

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Ajinkya Rahane Retirement: 17 साल ना कभी विवाद, ना कभी दिखावा, ना कभी लाइमलाइट की भूख। बस जब भी टीम इंडिया को ज़रूरत पड़ी, एक खिलाड़ी चुपचाप अपना काम करता रहा। आज उसी खिलाड़ी ने क्रिकेट के हर फॉर्मेट को अलविदा कह दिया है। अजिंक्य रहाणे ने रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया है। कुछ समय पहले तक रहाणे खुद कहते थे, “मैं आज भी टेस्ट क्रिकेट के लिए उतना ही डेडिकेटेड हूं। मैं अभी भी टीम इंडिया के लिए खेलना चाहता हूं।” लेकिन शायद वक्त ने फैसला कुछ और ही लिख रखा था। टीम में वापसी का इंतज़ार करते-करते आखिरकार रहाणे…

Ajinkya Rahane Retirement: 17 साल ना कभी विवाद, ना कभी दिखावा, ना कभी लाइमलाइट की भूख। बस जब भी टीम इंडिया को ज़रूरत पड़ी, एक खिलाड़ी चुपचाप अपना काम करता रहा। आज उसी खिलाड़ी ने क्रिकेट के हर फॉर्मेट को अलविदा कह दिया है। अजिंक्य रहाणे ने रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया है।

कुछ समय पहले तक रहाणे खुद कहते थे, “मैं आज भी टेस्ट क्रिकेट के लिए उतना ही डेडिकेटेड हूं। मैं अभी भी टीम इंडिया के लिए खेलना चाहता हूं।” लेकिन शायद वक्त ने फैसला कुछ और ही लिख रखा था। टीम में वापसी का इंतज़ार करते-करते आखिरकार रहाणे ने अपने शानदार करियर को यहीं विराम दे दिया।

ये सिर्फ एक खिलाड़ी का रिटायरमेंट नहीं है, बल्कि भारतीय क्रिकेट के एक ऐसे चैप्टर का अंत है, जिसे हमेशा उसकी सादगी और भरोसे के लिए याद किया जाएगा।

मुश्किल शुरुआत से लेकर विदेशों में टीम इंडिया का सबसे बड़ा भरोसा बनने तक

Ajinkya Rahane Retirement
Ajinkya Rahane 

2013 में दिल्ली टेस्ट से उन्होंने अपना टेस्ट डेब्यू किया। पहले ही मैच में पहली पारी में सिर्फ 1 रन और दूसरी पारी में 7 रन। कई लोगों ने तभी कह दिया था कि शायद ये खिलाड़ी इंटरनेशनल क्रिकेट के लिए नहीं बना।

उसके बाद रहाणे ने खुद को पूरी तरह बदल दिया। जब भी टीम इंडिया विदेशी दौरों पर मुश्किल में फंसती थी, एक नाम सबसे पहले याद आता था अजिंक्य रहाणे।

लॉर्ड्स की शानदार सेंचुरी… मेलबर्न की यादगार पारी दक्षिण अफ्रीका और न्यूज़ीलैंड में मुश्किल हालात में रन रहाणे ने बार-बार साबित किया कि उन्हें बड़े मैचों और मुश्किल परिस्थितियों में खेलना पसंद है।

Lords 100
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उन्होंने अपने टेस्ट करियर में 85 मैचों में 5077 रन बनाए। लेकिन रहाणे की पहचान सिर्फ इन रनों से नहीं बनी। उनकी सबसे बड़ी ताकत थी उनका शांत स्वभाव, टीम के लिए खेलना और बिना किसी शिकायत के हर जिम्मेदारी निभाना।

Ajinkya Rahane Retirement: गाबा की जीत का कप्तान… और एक खामोश विदाई

Ajinkya Rahane Retirement
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अगर रहाणे के करियर की सबसे यादगार तस्वीर चुनी जाए, तो शायद वह ऑस्ट्रेलिया का गाबा टेस्ट होगा।

जब टीम इंडिया के कई बड़े खिलाड़ी चोटिल थे, तब रहाणे ने कप्तानी संभाली और युवा खिलाड़ियों के साथ इतिहास रच दिया। ऑस्ट्रेलिया को उसी के घर में हराकर भारत ने गाबा का किला फतह किया। वह जीत सिर्फ एक मैच नहीं थी, बल्कि भारतीय क्रिकेट के इतिहास के सबसे सुनहरे पलों में से एक बन गई।

समय के साथ रहाणे का फॉर्म गिरा। उन्हें टीम से बाहर होना पड़ा। 2023 के वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में उन्होंने शानदार वापसी की और मुश्किल हालात में रन भी बनाए। फिर भी उन्हें लगातार मौके नहीं मिले।

इसके बावजूद उन्होंने कभी शिकायत नहीं की। न किसी पर सवाल उठाया, न कोई विवाद किया। बस मेहनत करते रहे और उम्मीद बनाए रखी।

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Anjali Maikhuri