नई दिल्ली : अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के बीच मतभेद आम बात नहीं है, लेकिन इस बार दोनों पक्ष वर्ष 2021 में होने वाली चैंपियंस ट्राफी के प्रारूप को लेकर आमने-सामने हैं। क्रिकेट की वैश्विक संस्था प्रतिष्ठित चैंपियंस ट्राफी टूर्नामेंट के प्रारूप को बदलकर ट्वंटी 20 करने का प्रस्ताव दे रही है जबकि भारतीय बोर्ड इसे पुराने 50 ओवर प्रारूप में खेलाने का पक्षधर है। आईसीसी टूर्नामेंट का अगला संस्करण अक्टूबर से नवंबर में भारत की मेजबानी में प्रस्तावित है।
गौरतलब है कि हाल ही में आईसीसी ने भारत की मेजबानी में होने वाले टूर्नामेंट के लिये भारत सरकार से भी कर में छूट की मांग की थी लेकिन इस दिशा में बीसीसीआई या सरकार से उसके कोई मदद नहीं मिली जिससे वैश्विक संस्था पहले ही भारतीय बोर्ड से काफी नाराज माना जा रहा है और इसे भारत के अलावा किसी अन्य देश में कराने के विकल्प भी तलाश रहा है। ऐसे में दोनों के बीच चैंपियंस ट्राफी का प्रारूप एक अन्य बहस का मुद्दा बन गया है।
रिपोर्ट के अनुसार चैंपियंस ट्रॉफी को अधिक लोकप्रिय बनाने के लिये आईसीसी ने इसके प्रारूप को छोटा कर ट्वंटी 20 में कराने का प्रस्ताव रखा है। यह विचार उसके बोर्ड के सदस्यों द्वारा दिया गया है। आईसीसी 2021 में होने वाले चैंपियंस ट्रॉफी के अगले संस्करण में इसे लागू करना चाहता है। आईसीसी का यह विचार इस तरह अधिक लाभ कमाकर अपने बोर्ड सदस्यों को प्रस्तावित राजस्व बंटवारे से होने वाले नुकसान को भी कम करना चाहता है।
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