World Cup से पहले फिटनेस पर पूरा फोकस, इंडियन वुमेन्स हॉकी टीम के कोच मारिजने ने बताई तैयारी की प्लानिंग

Summary :

भारतीय महिला हॉकी टीम के कोच स्जोर्ड मारिजने ने कहा कि विश्व कप से पहले टीम का सबसे बड़ा फोकस खिलाड़ियों की फिटनेस को बेहतर बनाना है। भारत 15 अगस्त से शुरू होने वाले विश्व कप से पहले जर्मनी और नीदरलैंड में कई अभ्यास मैच खेलेगा। मारिजने का मानना है कि मजबूत टीमों के खिलाफ मिलने वाले कम मौकों का पूरा फायदा उठाना और बेहतर फिटनेस ही टीम की सफलता की कुंजी होगी।

इंडियन वुमेन्स हॉकी टीम अपकमिंग वर्ल्ड कप की तैयारियों में पूरी तरह जुटी हुई है। टीम के मुख्य कोच स्जोर्ड मारिजने का मानना है कि बड़े टूर्नामेंट में सफलता के लिए फिटनेस सबसे अहम पहलुओं में से एक है। उनका कहना है कि करीबी मुकाबलों में जीत और हार का फैसला अक्सर खिलाड़ियों की फिटनेस से ही होता है, इसलिए फिलहाल टीम इसी फील्ड में सबसे ज्यादा मेहनत कर रही है।

Women’s Hockey Team Coach Marijne Statement: फिटनेस को बनाया प्राइयोरिटी

मारिजने ने बताया कि खिलाड़ियों को खेल की प्लानिंग की अच्छी समझ है और प्रैक्टिस मैचों के जरिए उन्हें अपनी प्लानिंग को और बेहतर करने का मौका मिलेगा। ऐसे में इस समय सबसे ज्यादा ध्यान फिटनेस के लेवल को अगले लेवल तक पहुंचाने पर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि टीम हाई-इंटेंसिटी ट्रेनिंग और सफीशिएंट आराम के बीच सही बैलेंस बनाए हुए है। इसके साथ ही मैदान पर बेहतर क्वालिटी वाला प्रदर्शन एन्श्योर करने पर भी काम किया जा रहा है। उनके अनुसार, जितनी बेहतर फिटनेस होगी, टीम का प्रदर्शन भी उतना ही बेहतर होगा।

जर्मनी और नीदरलैंड में होंगे प्रेक्टिस मैच

इंडियन टीम 29 जुलाई को जर्मनी रवाना होगी, जहां वो दो प्रेक्टिस मुकाबले खेलेगी। इसके बाद 2 अगस्त को टीम नीदरलैंड पहुंचेगी। वर्ल्ड कप में 15 अगस्त को चीन के खिलाफ अपने पहले मुकाबले से पहले भारत – चिली, जापान, नीदरलैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ चार प्रैक्टिस मैच खेलेगा।

एशियन गेम्स और वर्ल्ड कप दोनों की अलग चुनौती

Challenge Of Asian And World Cup Games
Challenge Of Asian And World Cup Games (Source: Google)

वर्ल्ड कप के करीब दो महीने बाद इंडियन टीम एशियन गेम्स में हिस्सा लेगी, जहां ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने का मौका होगा। हालांकि, मारिजने का मानना है कि दोनों टूर्नामेंट की सिचुएशन और चुनौतियां पूरी तरह अलग हैं।

उन्होंने कहा कि एशियाई टीमों का प्लेइंग स्टाइल यूरोपीय और दक्षिण अमेरिकी टीमों से काफी अलग होता है। एशियन गेम्स में खेल ज्यादा तेज और अनएक्सपैक्टेड होता है, इसलिए टीम को उसके अनुसार खुद को तैयार करना होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि दोनों कॉम्पटीशन का एक-दूसरे पर कोई नेगेटीव असर नहीं पड़ेगा।

मजबूत टीमों के खिलाफ मौके भुनाना होगा जरूरी

Chances Against Strong Teams
Chances Against Strong Teams (Source: Google)

मारिजने ने माना कि नीदरलैंड्स फिलहाल दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में से एक है, लेकिन इंटरनेशनल हॉकी में कोई भी टीम किसी को भी हरा सकती है। उन्होंने कहा कि टॉप टीमों के खिलाफ मौके कम मिलते हैं, इसलिए जो मौके मिलें, उन्हें गोल में बदलना बेहद जरूरी है। इसी पहलू पर इंडियन टीम लगातार मेहनत कर रही है ताकि वर्ल्ड कप में बेहतर प्रदर्शन किया जा सके।

Read More: FIH Hockey World Cup 2026: हरमनप्रीत सिंह दूसरी बार संभालेंगे इंडियन टीम की कप्तानी, 51 साल बाद क्या वर्ल्ड कप आएगा घर

Rishabh Pandey

ऋषभ पांडे पिछले चार साल से पत्रकारिता के फिल्ड में काम कर रहे हैं, उन्होंने अपनी शुरुआत Zee News चैनल से की थी, इसके बाद उन्होंने News 24 में पॉलिटिकल, एंटरटेनमेंट न्यूज और क्राइम से जुड़ी खबरें लिखीं और बतौर प्रोड्यूसर भी एंटरटेनमेंट बीट पर काम किया, अब ऋषभ Punjab Kesari में एंटरटेनमेंट बीट पर बतौर Sub Editor (हिंदी में) काम कर रहे हैं