इंडियन हॉकी टीम के दिग्गज ड्रैग फ्लिकर जुगराज सिंह का मानना है कि कप्तान हरमनप्रीत सिंह अपकमिंग वर्ल्ड कप में भारतीय टीम के लिए सबसे बड़े ट्रंपकार्ड साबित हो सकते हैं। जुगराज का शानदार हॉकी करियर 2003 में एक सड़क दुर्घटना के बाद प्रभावित हुआ था, लेकिन आज वह हरमनप्रीत के खेल में अपनी झलक देखते हैं।
जुगराज के मुताबिक, हरमनप्रीत इस समय दुनिया के टॉप तीन ड्रैग फ्लिकरों में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हरमनप्रीत टोक्यो ओलंपिक के समय से ही लगातार बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं और टीम को जब भी उनकी जरूरत होती है, वह योगदान देते हैं। जुगराज का मानना है कि यही खूबी उन्हें वर्ल्ड कप में भारत का ट्रंपकार्ड बनाती है। साथ ही हरमनप्रीत की फिटनेस भी काफी अच्छी है।
Gujraj Singh On Harmanpreet: हरमनप्रीत में अपना अक्स देखते हैं जुगराज

हरमनप्रीत की तरह जुगराज सिंह ने भी सुरजीत हॉकी अकादमी से खेल की शुरुआत की थी। जुगराज ने कहा कि हरमनप्रीत का अटैकिंग अंदाज़ और खेलने का तरीका उन्हें अपने शुरुआती दिनों की याद दिलाता है। उन्हें लगता है कि हरमनप्रीत के खेल में उन्हें उनके अपने अंदाज़ की झलक दिखाई देती है। जुगराज ने बताया कि वह हर टूर्नामेंट या ट्रेनिंग कैंप के बाद हरमनप्रीत से बातचीत करते हैं और उसके प्रदर्शन को देखकर अपनी सलाह भी देते हैं।
उनका मानना है कि बाहर से किसी खिलाड़ी के खेल को देखने पर कई ऐसी चीजें नजर आती हैं, जिन पर काम किया जा सकता है। हालांकि टीम का कोचिंग स्टाफ भी लगातार हरमनप्रीत का मार्गदर्शन कर रहा है, लेकिन जुगराज का उनके साथ लंबे समय से जुड़ाव उन्हें अतिरिक्त सलाह देने में मदद करता है।
नेशंस कप की जीत से वुमेन्स टीम का बढ़ा कॉन्फिडेंस
दूसरी ओर, भारतीय महिला हॉकी टीम भी वर्ल्ड कप के लिए पूरी तरह तैयार है। एफआईएच नेशंस कप का खिताब जीतने के बाद कप्तान सलीमा टेटे का कॉन्फिडेंस भी काफी बढ़ा हुआ है। उनका कहना है कि मुश्किल पूल में होने के बावजूद इंडियन टीम की नजर टॉप पोजीशन और गोल्ड मेडल पर है। न्यूजीलैंड में नेशंस कप जीतने के बाद इंडियन वुमेन्स टीम शानदार लय में वर्ल्ड कप में एंट्री करेगी। सलीमा टेटे का मानना है कि इस जीत से मिला कॉन्फिडेंस टीम को वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर भी मेडल जीतने में मदद करेगा।
वर्ल्ड कप में मेडल जीतना टारगेट

एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप 15 से 30 अगस्त तक नीदरलैंड्स और बेल्जियम की कम्बाइन होस्टिंग में खेला जाएगा। सलीमा टेटे ने कहा कि टीम इस टूर्नामेंट में समझदारी के साथ अटैकिंग हॉकी खेलना चाहती है और उसका टारगेट मेडल जीतकर लौटना है। 24 साल के कप्तान ने अपनी टीम पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि खिलाड़ियों में यह अचीवमेंट हासिल करने की एबिलिटी मौजूद है। नेशंस कप की ट्रॉफी जीतने के बाद अब इंडियन वुमेन्स टीम वर्ल्ड कप में भी उसी सफलता को दोहराने के इरादे से मैदान पर उतरेगी।
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