इंग्लैंड क्रिकेट टीम ने टेस्ट फॉर्मेट में नई शुरुआत करते हुए न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान और दिग्गज कोच स्टीफन फ्लेमिंग को नया मुख्य कोच अपोइंट किया है। फ्लेमिंग ने अब ब्रेंडन मैक्कुलम की जगह ली है, जिन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ हालिया टेस्ट सीरीज में हार के बाद रिजाइन कर दिया था। अब सभी की नजरें फ्लेमिंग पर हैं कि क्या वह इंग्लैंड की टेस्ट टीम को फिर से सफलता की राह पर ला पाएंगे यै नहीं।
Michael Vaughan Furious Over Coach Stephen Fleming: माइकल वॉन ने फ्लेमिंग को लेकर क्या कहा?

पूर्व इंग्लिश कप्तान माइकल वॉन ने फ्लेमिंग के अपोइंट होने को अच्छा फैसला बताया, लेकिन साथ ही टीम की एक बड़ी कमजोरी की ओर भी इशारा किया। उनका मानना है कि फ्लेमिंग एक शानदार कोच हैं, लेकिन इंग्लैंड के पास चेन्नई सुपर किंग्स जैसा लीडरशिप करने वाला कप्तान नहीं है, जैसा उन्हें आईपीएल में एमएस धोनी के रूप में मिला था।
माइकल वॉन ने किस बात पर जताई नाराजगी?

माइकल वॉन ने फ्लेमिंग के पाकिस्तान के खिलाफ अपकमिंग टेस्ट सीरीज में टीम के साथ एवेलेबल नहीं होने पर भी नाराजगी जताई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फ्लेमिंग 19 अगस्त से शुरू होने वाली पाकिस्तान सीरीज में इंग्लैंड टीम के साथ नहीं रहेंगे और दिसंबर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाली सीरीज से अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे। वॉन का कहना है कि इतने बड़े बदलाव के समय फ्लेमिंग का टीम के साथ रहना जरूरी था।
फ्लेमिंग का बतौर कोच कैसा रहा करियर?

फ्लेमिंग का नाम दुनिया के सक्सेसफुल क्रिकेट कोचों में गिना जाता है। उन्होंने 2009 से चेन्नई सुपर किंग्स के मुख्य कोच के रूप में काम किया और एमएस धोनी के साथ मिलकर टीम को पांच आईपीएल खिताब जिताए। इसी वजह से माइकल वॉन ने कहा कि फ्लेमिंग के पास शानदार प्लानिंग की समझ और मैनेजमेंट एबिलिटी है, लेकिन इंग्लैंड में उन्हें धोनी जैसे शांत और एक्सपीरिएंस्ड कप्तान की कमी महसूस हो सकती है। वॉन ने कहा कि फ्लेमिंग एक सम्मानित कोच और बेहतरीन प्लानिंग मेकर हैं, लेकिन इंग्लैंड की चुनौती यह होगी कि उनके पास कप्तानी में एमएस धोनी जैसा खिलाड़ी मौजूद नहीं है, जिसने फ्लेमिंग के साथ मिलकर चेन्नई को लगातार सफलता दिलाई है।
बेन स्टोक्स के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने जो रूट को दोबारा टेस्ट टीम की कप्तानी सौंप दी है। रूट इससे पहले 2017 से 2022 तक इंग्लैंड की कमान संभाल चुके हैं और इस दौरान उन्होंने 64 टेस्ट मैचों में टीम को लीड किया था। अब करीब चार साल बाद वह फिर से कप्तान की भूमिका में नजर आएंगे।


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