FIFA वर्ल्ड कप में इस्तेमाल होती है हाई-टेक स्मार्ट बॉल, जानिए कैसे करती है काम?

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Smart Football In Fifa: फुटबॉल के सबसे बड़े टूर्नामेंट FIFA World Cup में खिलाड़ियों के साथ-साथ तकनीक भी अहम भूमिका निभाती है। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि मैदान पर इस्तेमाल होने वाली गेंद एक आम फुटबॉल नहीं होती, बल्कि आधुनिक तकनीक से लैस एक स्मार्ट बॉल होती है, जो मैच के दौरान महत्वपूर्ण डेटा जुटाने में मदद करती है। Fifa News: हाई-टेक बॉल में क्या है खास? इस हाई-टेक बॉल को Adidas ने बनाया है। इसके अंदर एक खास 500Hz इनर्शियल मेजरमेंट यूनिट (IMU) मोशन सेंसर लगाया गया है। यह सेंसर हर सेकंड 500 बार गेंद की गति,…

Smart Football In Fifa: फुटबॉल के सबसे बड़े टूर्नामेंट FIFA World Cup में खिलाड़ियों के साथ-साथ तकनीक भी अहम भूमिका निभाती है। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि मैदान पर इस्तेमाल होने वाली गेंद एक आम फुटबॉल नहीं होती, बल्कि आधुनिक तकनीक से लैस एक स्मार्ट बॉल होती है, जो मैच के दौरान महत्वपूर्ण डेटा जुटाने में मदद करती है।

Fifa News: हाई-टेक बॉल में क्या है खास?

Smart Football In Fifa
Smart Football In Fifa (Source: Google)

इस हाई-टेक बॉल को Adidas ने बनाया है। इसके अंदर एक खास 500Hz इनर्शियल मेजरमेंट यूनिट (IMU) मोशन सेंसर लगाया गया है। यह सेंसर हर सेकंड 500 बार गेंद की गति, दिशा और स्पिन से जुड़ी जानकारी रिकॉर्ड कर सकता है। यह डेटा रियल टाइम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) सिस्टम तक पहुंचाया जाता है, जिससे रेफरी को सटीक फैसले लेने में मदद मिलती है।

Smart Football In Fifa: ऑफसाइड और हैंडबॉल फैसलों में मिलती है मदद

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Smart Football In Fifa (Source: Google)

स्मार्ट बॉल में मौजूद सेंसर गेंद को किक किए जाने का सटीक समय मिलीसेकंड लेवल तक रिकॉर्ड करता है। यह जानकारी VAR अधिकारियों को ऑफसाइड की सिचुएशन का सही अनुमान लगाने में मदद करती है। इसके अलावा अगर गेंद किसी खिलाड़ी के हाथ से टकराती है, तो सेंसर गेंद की दिशा और गति में हुए बदलाव को तुरंत पहचान सकता है। इससे हैंडबॉल जैसे विवादित मामलों में भी अधिक सटीक निर्णय लेना संभव हो जाता है।

Engineering In Football: सेंसर के बावजूद नहीं बदलता बॉल का संतुलन

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Smart Football In Fifa (Source: Google)

इतनी बेहतरीन तकनीक होने के बावजूद गेंद के वजन और संतुलन पर कोई असर नहीं पड़ता। Adidas ने इसके लिए खास इंजीनियरिंग तकनीक का इस्तेमाल किया है। जिस पैनल में सेंसर चिप लगाई गई है, उसके संतुलन को बनाए रखने के लिए गेंद के अन्य पैनलों में समान वजन वाले काउंटर-वेट लगाए गए हैं। इससे खिलाड़ियों को गेंद के व्यवहार में किसी प्रकार का अंतर महसूस नहीं होता।

Chargeable Football: मैच से पहले की जाती है वायरलेस चार्जिंग

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Smart Football In Fifa (Source: Google)

क्योंकि स्मार्ट बॉल में इलेक्ट्रॉनिक सेंसर मौजूद होते हैं, इसलिए इन्हें एनर्जी की जरूरत होती है। मैच शुरू होने से पहले सभी गेंदों को खास वायरलेस चार्जिंग डॉक पर रखा जाता है, जहां उन्हें पूरी तरह चार्ज किया जाता है। एक बार चार्ज होने के बाद यह स्मार्ट बॉल लगभग छह घंटे तक लगातार डेटा ट्रांसमिट कर सकती है, जो पूरे मैच के दौरान तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए पर्याप्त होता है। इस तरह आधुनिक तकनीक और खेल का यह मेल फुटबॉल को और ज्यादा निष्पक्ष, सटीक और रोमांचक बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है।

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Rishabh Pandey

ऋषभ पांडे पिछले पांच साल से पत्रकारिता के फील्ड में काम कर रहे हैं, उन्होंने अपनी शुरुआत Zee News चैनल से की थी, इसके बाद उन्होंने News 24 में पॉलिटिकल, एंटरटेनमेंट न्यूज और क्राइम से जुड़ी खबरें लिखीं और बतौर प्रोड्यूसर भी एंटरटेनमेंट बीट पर काम किया, अब ऋषभ Punjab Kesari में एंटरटेनमेंट और स्पोर्टस बीट पर बतौर Sub Editor (हिंदी में) काम कर रहे हैं।