भारत में रिश्वत-घूसखोरी की शिकायत करने के लिए बनाई गई वेबसाइट अचानक ऑफलाइन हो गई। इस वेबसाइट को B.Tech छात्र आर्यन निषाद ने शुरू किया था। इस वेबसाइट पर लोग बिना पहचान के गुमनाम तरीके से सरकारी अधिकारियों से जुड़े रिश्वत के मामले में शिकायत दर्ज कर सकते थे। बताया जा रहा है कि इस वेबसाइट के लॉन्च होने के महज 48 घंटे के अंदर 50 लाख से ज्यादा रिक्वेस्ट आ गईं और करीब 2 लाख नए यूजर्स जुड़े। वेबसाइट ज्यादा ट्रैफिक आने की वजह से सर्वर और प्लेटफॉर्म पर भारी दबाव पड़ गया।
वेबसाइट के फाउंडर ने क्या कहा?
ब्राइब्स डॉट एफवाइआई (Bribes.fyi) वेबसाइट के बंद होने के बाद, इसके फाउंडर आर्यन निषाद और उनके सहयोगी मनीष सहनी ने लिंक्डइन पर जानकारी दी है कि वे वेबसाइट के लिए मजबूत कानूनी और वित्तीय (Financial) व्यवस्था तैयार कर रहे हैं। फिलहाल वेबसाइट पर नई शिकायतें दर्ज करने और मदद देने की सुविधा बंद कर दी गई है। साथ ही, आर्यन निषाद ने भारत के टेक सेक्टर को समझने वाले वकीलों और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स से मदद की अपील भी की है।
क्यों ऑफलाइन की गई वेबसाइट?

वेबसाइट पर जारी संदेश के मुताबिक, इसकी टीम अनिश्चितकाल के लिए ब्रेक ले रही है और फिलहाल दोबारा शिकायतों का सबमिशन शुरू करने की कोई योजना नहीं है। वेबसाइट को बंद करने के पीछे किसी तरह की शिकायत को वजह नहीं बताया गया है, बल्कि इसे प्लेटफॉर्म के गलत इस्तेमाल से बचाने के लिए उठाया गया एक एहतियाती कदम बताया गया है।
Bribes.fyi वेबसाइट कैसे काम करती थी?
Bribes.fyi वेबसाइट को इस तरह डिज़ाइन किया गया था कि लोग वहां बिना अपनी पहचान बताए यानी गुमनाम तरीके से रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज कर सकें। इसके तहत यूजर्स से विभाग का नाम, रिश्वत की रकम और किस काम के लिए पैसे मांगे गए, जैसी जरूरी जानकारियां ली जाती थीं, जिन्हें बाद में एक पब्लिक डेटाबेस पर प्रदर्शित किया जाता था।
इस प्लेटफॉर्म पर पुलिस, आरटीओ, राजस्व और भूमि विभाग, पासपोर्ट ऑफिस, नगर निगम, GST ऑफिस, बिजली विभाग, इनकम टैक्स और फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन जैसे प्रमुख सरकारी विभागों से जुड़ी रिपोर्ट्स देखी जा सकती थीं। यहां यूजर्स को अलग-अलग विभागों में दर्ज रिश्वत की शिकायतों के आंकड़े और संख्या देखने का ऑप्शन मिलता था।



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