Chhattisgarh Steel Plant Blast: छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले में गुरुवार को एक भीषण औद्योगिक हादसा हुआ। बकुलाही इलाके में स्थित रियल इस्पात प्लांट में डीएससी कोयला भट्ठे में अचानक विस्फोट हो गया। इस हादसे में 7 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
Chhattisgarh Steel Plant Blast: सफाई के दौरान हुआ विस्फोट
जानकारी के मुताबिक, हादसे के समय मजदूर भट्ठे के आसपास सफाई का काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक तेज धमाका हुआ और भट्ठे में रखा गर्म कोयला उछलकर मजदूरों पर गिर पड़ा। गर्म कोयले की चपेट में आने से मजदूर बुरी तरह झुलस गए। विस्फोट इतना जोरदार था कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

Steel Plant Blast: काले धुएं से ढका पूरा इलाका
ब्लास्ट के बाद प्लांट परिसर में आग लग गई। धमाके के साथ आसमान में कई मीटर ऊंचाई तक काले धुएं का गुबार उठता दिखाई दिया। फैक्ट्री की दीवारें धुएं और कालिख से काली पड़ गईं। आसपास राख और जला हुआ कोयला बिखरा हुआ नजर आया। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
Chhatisgarh Blast News: पुलिस जांच में जुटी
हादसे की सूचना मिलने पर निपनिया चौकी और भाटापारा ग्रामीण थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने क्षेत्र को घेराबंदी कर सुरक्षित किया और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल विस्फोट के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। पुलिस प्रत्यक्षदर्शियों और प्लांट में मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है। शुरुआती जांच में सुरक्षा नियमों में लापरवाही की आशंका जताई जा रही है।

प्रबंधन की चुप्पी पर सवाल
हादसे के बाद सबसे चिंताजनक बात यह सामने आई है कि प्लांट प्रबंधन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। न तो मृतकों की सही संख्या की पुष्टि की गई है और न ही विस्फोट के कारणों को लेकर कोई जानकारी साझा की गई है। इस चुप्पी से मजदूरों के परिजनों और स्थानीय लोगों में नाराजगी है और कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
घायल मजदूरों की सूची
इस हादसे में जिन मजदूरों के घायल होने की पुष्टि हुई है, उनमें शामिल हैं:
- मोताज अंसारी (26), कारपेंटर, कांट्रेक्टर – एमएस
- सराफत अंसारी (32), कारपेंटर – एमएस
- साबिर अंसारी (37), कारपेंटर – एमएस
- काल्पू भुइयां (51), हेल्पर – अशोक यादव
- रामू भुइयां (34), हेल्पर – अशोक यादव
सभी घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है और कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
सुरक्षा पर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में मजदूरों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर समय रहते सुरक्षा मानकों का सही तरीके से पालन किया गया होता, तो शायद इस बड़ी त्रासदी को टाला जा सकता था। अब सभी की नजरें पुलिस जांच और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।
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