Chhattisgarh tourism development: छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत 1.72 लाख करोड़ रुपये के ‘संकल्प’ बजट में पर्यटन और संस्कृति विभाग को विशेष प्राथमिकता दी गई है। यह बजट न केवल राज्य की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त बनाने का प्रयास है, बल्कि पर्यटन को आर्थिक विकास का प्रमुख इंजन बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि बस्तर से सरगुजा तक की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक धरोहरों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित किया जाएगा। इसके लिए बुनियादी ढांचे के विकास, पर्यटन सर्किट निर्माण, सांस्कृतिक संरक्षण और रोजगार सृजन से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।
Chhattisgarh Budget 2026-27: होम-स्टे नीति के लिए 10 करोड़ का प्रावधान
ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने होम-स्टे नीति के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस योजना से विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा के ग्रामीण परिवारों को आय के नए अवसर प्राप्त होंगे और पर्यटकों को स्थानीय जीवन शैली, संस्कृति और खान-पान का अनुभव मिल सकेगा। यह कदम स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के साथ-साथ पर्यटन को जन-आधारित उद्योग बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
Spiritual tourism circuit development: आस्था पथ योजना के लिए 5 करोड़ का प्रावधान
धार्मिक पर्यटन को विकसित करने के लिए ‘छत्तीसगढ़ आस्था पथ (शक्तिपीठ भ्रमण) योजना’ शुरू की जा रही है, जिसके लिए 5 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इसके तहत कुदरगढ़, डोंगरगढ़, रतनपुर, चंद्रपुर और दंतेवाड़ा को शक्तिपीठ सर्किट के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अलावा ऐतिहासिक नगर सिरपुर के समग्र विकास के लिए 42.50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें संग्रहालय, मेडिटेशन सेंटर, रिवर फ्रंट और सड़क निर्माण जैसी सुविधाओं का विकास शामिल है। सरगुजा के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मैनपाट के विकास के लिए 5 करोड़ रुपये तथा जशपुर के कोतेबिरा में धार्मिक पर्यटन विकास की व्यवस्था भी बजट में की गई है।
राज्य की जनजातीय संस्कृति को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए ‘जनजातीय सुर-गुड़ी स्टूडियो’ स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए संस्कृति विभाग को 2 करोड़ रुपये दिए गए हैं। रायपुर स्थित स्वामी विवेकानंद के निवास (डे-भवन) को राष्ट्रीय स्मारक के रूप में विकसित करने के लिए भी 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ये पहल राज्य की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के साथ नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेंगी।
Chhattisgarh tourism development: पर्यटन अवसंरचना और फिल्म सिटी से निवेश को बढ़ावा
छत्तीसगढ़ में पर्यटन को उद्योग के रूप में विकसित करने के लिए चित्रोत्पला फिल्म सिटी और ट्रायबल कल्चरल कन्वेंशन सेंटर का निर्माण 350 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। इससे फिल्म निर्माण, सांस्कृतिक आयोजन और पर्यटन गतिविधियों में तेजी मिलेगी। इसके साथ ही पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सड़क नेटवर्क का विस्तार, धार्मिक स्थलों का विकास और पर्यटन सर्किट का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों तक पर्यटकों की पहुंच आसान होगी।
सरकार ने पर्यटन विकास मिशन शुरू करने का भी निर्णय लिया है, जिसके लिए अगले पांच वर्षों तक प्रति वर्ष कम से कम 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इस मिशन का उद्देश्य पर्यटन क्षेत्र में निवेश बढ़ाना, रोजगार के नए अवसर पैदा करना और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है। बस्तर और सरगुजा जैसे जनजातीय क्षेत्रों में पर्यटन को विकास के प्रमुख साधन के रूप में अपनाया जा रहा है। होम-स्टे नीति, सड़क निर्माण, सांस्कृतिक कार्यक्रम और पर्यटन स्थलों के विकास से इन क्षेत्रों में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी।
Chhattisgarh News: संस्कृति और पर्यटन से विकास को बढ़ावा
इससे इन क्षेत्रों की छवि भी सकारात्मक रूप से बदलेगी और स्थानीय लोगों को विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का अवसर मिलेगा। छत्तीसगढ़ सरकार का यह बजट पर्यटन और संस्कृति को विकास की केंद्रीय धुरी के रूप में स्थापित करता है। बुनियादी ढांचे के विकास, सांस्कृतिक संरक्षण, धार्मिक पर्यटन और निवेश को बढ़ावा देने वाली योजनाएं राज्य को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
रिपोर्ट: रायपुर,आनंद खरे पंजाब केसरी
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