Ghaziabad Triple Murder Case : गाजियाबाद में 3 सगी बहनों ने कोरियन online game के चलते एक साथ mass suicide कर लिया है, इस suicide ने सभी को चकित कर दिया है। सभी के मन में एक ही सवाल है कि आखिर क्यों इन बहनों ने इस घटना को अंजाम दिया?
तीनों लड़कियों ने 9 मंजिला इमारत से कूद कर suicide किया। बताया जा रहा है कि तीनों बच्चियां गेम की आदि हो गई थीं। वे 24 घंटे गेम के बारे में सोचा करती थीं, और अगर मोबाईल से उन्हे कुछ देर के लिए दूर करने की बात आती तो वे डिप्रेशन में चली जातीं।
जानकारी से पता चला है कि तीनों बच्चियां पिछले 2 साल से स्कूल भी नहीं जा रही थीं। उनका कोई रूटीन नहीं था, न किसी से मिलना जुलना ना घूमना फिरना।वजह वे पूरे समय गेम में डूबे रहते।
तीनों ने जिस तरह एक साथ आत्महत्या की है उसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। पर सवाल वही है कि ऐसा क्या था गेम में जो उन्हें यह फैसला लेने पर मजबूर कर दिया।
Ghaziabad Triple Murder Case : suicide note से खुली गुत्थी

सभी के लिए यह हैरानी वाली बात थी कि यह घटना घटी क्यों। अब इस के पीछे की वजह समझ आ गई है। दरअसल इन तीनों बहनों द्वारा छोड़े एक suicide note से पता चल है। तीनों बहनों ने आत्महत्या करने से पहले एक नोट लिख छोड़ था।
इन नोट में लड़कियों ने लिखा है, “इस डायरी में जो कुछ लिखा है वह सच है, read now, i’m really sorry. sorry papa’.
Korean Online Gaming Case : क्या थी गेम

दरअसल, ये तीनों बहनें जिस गेमिंग एप को चला रही थीं, वह ‘कोरियन लवर एप’ नाम से है। इसी तरह का एक ब्लू ह्वैल चैलेंजिंग एप था जिसे भारत सरकार ने बैन कर दिया था, क्योंकि इस एप के चलते भी बच्चों में आत्महत्या की घटनाएं सामने आई थीं।
जिस गेम को लड़कियां खेल रही थीं, उस गेम में भी अजीबोगरीब चैलेंज दिए जाते हैं। कहा जा रहा है कि इस गेम में भी 50 दिनों में 50 चैलेंज दिए जाते हैं। इसमें वर्चुअल इंसान से डील करना होता है और यदि कोई पार्टनर साथ में है तो सबको खाने का काम, सोने का काम वगैरह साथ में करना होता है।
माना जा रहा है कि हो सकता है कि ऐसा कोई टास्क बच्चियों ने फ़ौलो किया हो।
Ghaziabad Sister Suicide Case : उठते सवाल
अब सवाल यह है कि अगर इस तरह की कोई गेम बच्चे अपने मोबाईल में खेल रहे थे तो पेरेंट्स ने सही समय पर चीजों की निगरानी क्यों नहीं की? पेरेंट्स ने आखिर बच्चियों के इस व्यव्हार को क्यों नहीं नोटिस किया?
दूसरा अगर इस तरह की कोई गेम इंटरनेट पर मौजूद है, जिसमें कोई वर्चुअल इंसान सामने है और वह अलग अलग टास्क देता है तो सरकार क्या कर रही है? आखिर इस तरह के खेलों पर रोक लगाने का कोई मजबूत उपाय क्यों नहीं निकाल पाई है।





















