Imran Khan on Pakistan Judiciary: भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान के सियासी गलियारों से बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल पूर्व प्रधानमंत्री Imran Khan ने जेल में रहते हुए देश की न्यायपालिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यहां के जजों का जमीर बिक चुका है और वह न्याय देने के बजाय मामले को जानबूझकर टाले जा रहे हैं। उन्हें शर्म नहीं आ रही ह। यह बातें उन्होंने ईद के मौके पर अपने बेटे से फोन पर बातचीत के दौरान कहीं। उनके बेटे Kasim Khan ने सोशल मीडिया के जरिए इन बातों को साझा किया है।
Imran Khan on Pakistan Judiciary: न्यायपालिका पर गंभीर आरोप

इमरान खान ने बातचीत के दौरान कहा कि जजों का काम समाज को न्याय देना होता है, लेकिन उनके मामले में ऐसा नहीं हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जज फैसले देने की बजाय केवल तारीख पर तारीख दे रहे हैं। उनका कहना है कि न्यायपालिका के कुछ लोगों ने अपने पद और फायदे के लिए अपने सिद्धांतों से समझौता कर लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह का रवैया न्याय प्रणाली पर लोगों का भरोसा कम करता है।
ईद पर बेटों से बातचीत
ईद के मौके पर इमरान खान को अपने बेटों से बात करने का मौका मिला, जिस पर उन्होंने खुशी जताई। उन्होंने कहा कि परिवार से बात करना उनके लिए भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण था। बातचीत के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि सरकार उन्हें मानसिक रूप से कमजोर करने की कोशिश कर रही है, लेकिन वे टूटने वाले नहीं हैं।
पत्नी के साथ दुर्व्यवहार का आरोप
इमरान खान ने अपनी पत्नी Bushra Bibi के साथ जेल में हो रहे व्यवहार पर भी चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी को परेशान किया जा रहा है और उन्हें लंबे समय तक अकेले रखा जाता है। उन्होंने इसे अमानवीय बताते हुए कहा कि महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के साथ इस तरह का व्यवहार किसी भी समाज में स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।
Imran Khan on Pakistan Judiciary: बेटों को पाकिस्तान आने में दिक्कत

इमरान खान की पूर्व पत्नी जेमिमा गोल्डस्मिथ ने भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उनके दोनों बेटों को पाकिस्तान जाकर अपने पिता से मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है। दोनों बेटे फिलहाल लंदन में रहते हैं और उनके पास ब्रिटेन की नागरिकता है।
Imran Khan News: सरकार की प्रतिक्रिया

इस मामले पर पाकिस्तान सरकार की ओर से अता तरार ने कहा कि देश के नियमों के अनुसार ही किसी को प्रवेश दिया जाता है। सरकार का कहना है कि इमरान खान के बेटे अगर पाकिस्तान आना चाहते हैं, तो उन्हें निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा। बताया जा रहा है कि सरकार चाहती है कि वे पाकिस्तान के पासपोर्ट पर ही देश में प्रवेश करें, जबकि बेटे ब्रिटिश पासपोर्ट पर यात्रा करना चाहते हैं।























