Indore District Court Accident: मध्य प्रदेश के इंदौर जिला कोर्ट से आज यानी सोमवार को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। कोर्ट की कार्यवाही सामान्य रूप से चल रही थी, तभी अचानक छत पर लगा सीलिंग फैन तेज आवाज के साथ टूटकर नीचे गिर गया। यह पंखा सीधे उस समय कुर्सी पर बैठी महिला एडिशनल सेशन जज पर आ गिरा। घटना के बाद कोर्ट रूम में मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई।
Indore District Court Accident: जज के सिर और कंधे पर आई चोट

इस हादसे में महिला जज को सिर और कंधे पर चोटें आईं। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें संभाला और प्राथमिक उपचार दिया गया। राहत की बात यह रही कि चोट गंभीर नहीं थी और डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर है। हालांकि इस घटना ने कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Ceiling Fan Falls on Judge: पुरानी बिल्डिंग को लेकर नाराजगी
घटना की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में वकील और कोर्ट कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। जिला कोर्ट अभिभाषक संघ के अध्यक्ष एलएल यादव और अधिवक्ता विनोद द्विवेदी सहित कई वकीलों ने कोर्ट की जर्जर हालत पर कड़ा विरोध जताया। उनका कहना है कि यह हादसा लापरवाही का नतीजा है, जिसे टाला जा सकता था।
बिजली और ढांचे की स्थिति खराब
वकीलों ने आरोप लगाया कि कोर्ट की इमारत काफी पुरानी हो चुकी है और यहां की बिजली व्यवस्था भी बेहद खराब हालत में है। कई कोर्ट रूम में पुराने तार और फिटिंग अब भी इस्तेमाल हो रहे हैं, जिससे खतरा बना रहता है। इसके अलावा छतों में लीकेज और दीवारों में दरारें भी लंबे समय से चिंता का कारण बनी हुई हैं। बार-बार शिकायत करने के बावजूद केवल औपचारिक मरम्मत की जाती है, जिससे समस्या जस की तस बनी रहती है।
District Court Building Condition Indore: नई बिल्डिंग की मांग तेज

इस घटना के बाद वकीलों ने नई कोर्ट बिल्डिंग के निर्माण की मांग को फिर से जोरदार तरीके से उठाया है। उनका कहना है कि प्रशासन जानबूझकर इस मामले को टाल रहा है, जबकि यहां रोजाना सैकड़ों लोग आते हैं और उनकी सुरक्षा खतरे में है। वकीलों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही जरूरी कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में इससे भी बड़ा हादसा हो सकता है।
प्रशासन पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोर्ट जैसी महत्वपूर्ण जगह पर इस तरह की घटना होना बेहद गंभीर मामला है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस पर कितनी जल्दी और प्रभावी कार्रवाई करता है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
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