Strait of Hormuz पर रणनीति तय, ट्रंप और PM मोदी की फोन पर हुई बातचीत से बढ़ी हलचल

Trump-Modi Talks on Middle East crisis

Trump-Modi Talks on Middle East crisis: मिडिल ईस्ट में चल रहे तनावपूर्ण हालात के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की। इस बातचीत में दोनों नेताओं ने खास तौर पर इस बात पर जोर दिया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का खुला रहना बेहद जरूरी है, क्योंकि यह दुनिया के तेल और गैस सप्लाई का अहम मार्ग है।

भारत में अमेरिका के राजदूत ने इस बातचीत की जानकारी दी। वहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने भी सोशल मीडिया पर बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने उनसे संपर्क किया था। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि क्षेत्र में शांति बनाए रखने और तनाव कम करने के लिए लगातार संवाद जरूरी है। भारत ने साफ किया कि वह शांति और स्थिरता का समर्थन करता है।

Trump-Modi Talks on Middle East crisis: ईरान के साथ बातचीत और हमलों पर विराम

इस बातचीत से एक दिन पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा और बिजली ठिकानों पर होने वाले हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का फैसला लिया था। उन्होंने कहा था कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत चल रही है और युद्ध को खत्म करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, ईरान ने इस दावे को खारिज कर दिया है। ईरान का कहना है कि कोई बातचीत नहीं हो रही और अमेरिका के दावे गलत हैं।

इस बीच, युद्ध के चलते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले तेल और गैस के कारोबार पर भारी असर पड़ा है। दुनिया के करीब 20 प्रतिशत ऊर्जा व्यापार इस मार्ग से होता है, जो अब लगभग बाधित हो गया है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसियों ने इसे अब तक की सबसे बड़ी सप्लाई बाधा बताया है।

राज्यसभा में प्रधानमंत्री का बयान

इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा में मिडिल ईस्ट संकट पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि युद्ध के बीच भारत यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है कि उसके जहाज सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंच सकें। इसके लिए भारत कूटनीतिक बातचीत का रास्ता अपना रहा है। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि सरकार अलग-अलग देशों से तेल और गैस खरीदने के विकल्प तलाश रही है, ताकि देश में ऊर्जा की कमी न हो। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है।

शांति के लिए भारत की पहल

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की प्राथमिकता है कि क्षेत्र में तनाव कम हो और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुला रहे। भारत चाहता है कि सभी देश आपसी बातचीत के जरिए समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने यह भी बताया कि भारत लगातार ईरान, इजराइल और अमेरिका के संपर्क में है। भारत की कोशिश है कि इन देशों के बीच संवाद बना रहे और हालात और ज्यादा न बिगड़ें। भारत खुद को एक जिम्मेदार वैश्विक शक्ति के रूप में शांति स्थापित करने में योगदान देना चाहता है।

युद्ध में बढ़ता नुकसान और मौतों का आंकड़ा

मिडिल ईस्ट में जारी इस संघर्ष को करीब 25 दिन हो चुके हैं। अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी से ईरान पर हमले शुरू किए थे, जिसके बाद हालात तेजी से बिगड़ गए। कई देशों में धमाके और हमले जारी हैं। इस युद्ध में अब तक 2600 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। ईरान में करीब 1500 लोगों की मौत हुई है, जबकि लेबनान में 1000 से अधिक लोग मारे गए हैं।

इजराइल में 16 लोगों की मौत हुई है और 13 अमेरिकी सैनिक भी इस संघर्ष में मारे गए हैं। इसके अलावा खाड़ी क्षेत्र में भी कई आम नागरिकों की जान गई है। यह स्थिति पूरे क्षेत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है और दुनिया भर की नजरें अब शांति प्रयासों पर टिकी हैं।

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