Trump Team Officer Resigns: मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक बड़ा झटका लगा है। देश की एक अहम सुरक्षा एजेंसी के सीनियर ऑफिसर जो केंट ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए इस फैसले का विरोध किया।
Trump Team Officer Resigns: युद्ध नीति पर उठाए सवाल
अमेरिका के काउंटर टेररिज्म सेंटर के डायरेक्टर जो केंट ने साफ कहा कि उनकी अंतरात्मा उन्हें इस युद्ध का समर्थन करने की अनुमति नहीं देती। उनका मानना है कि ईरान से अमेरिका को कोई तात्कालिक खतरा नहीं था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह सैन्य कार्रवाई इजरायल और उसके प्रभावशाली समर्थकों के दबाव में शुरू की गई। उनके इस बयान से साफ है कि ट्रंप प्रशासन की विदेश नीति को लेकर अंदरूनी असहमति सामने आने लगी है।
संवेदनशील समय पर इस्तीफा
केंट का इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है और क्षेत्र में अस्थिरता का माहौल है। ऐसे में एक वरिष्ठ अधिकारी का पद छोड़ना इस मुद्दे की गंभीरता को और बढ़ाता है। यह इस्तीफा ट्रंप प्रशासन के लिए ईरान नीति को लेकर सबसे हाई-प्रोफाइल विरोधों में से एक माना जा रहा है।
अहम भूमिका निभाते थे केंट
जो केंट काउंटर टेररिज्म सेंटर के डायरेक्टर के तौर पर काम कर रहे थे। उनकी जिम्मेदारी देश के खिलाफ संभावित आतंकवादी खतरों की पहचान करना और उनका विश्लेषण करना था। यह एजेंसी अमेरिका की कई बड़ी संस्थाओं जैसे इंटेलिजेंस एजेंसियों, रक्षा विभाग और कानून लागू करने वाली एजेंसियों के बीच तालमेल बनाने में अहम भूमिका निभाती है। ऐसे में केंट का इस्तीफा सुरक्षा तंत्र के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस्तीफे के पीछे की वजह
केंट ने अपने इस्तीफे की जानकारी एक पत्र के जरिए दी, जिसे उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी साझा किया। इस पत्र में उन्होंने लिखा कि वे ट्रंप की कई नीतियों और मूल्यों से सहमत रहे हैं, लेकिन ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के फैसले से वे सहमत नहीं हैं। उन्होंने ट्रंप से अपील करते हुए कहा कि वे इस बात पर विचार करें कि अमेरिका ईरान में क्या कर रहा है और क्यों कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अब समय है कि देश सही दिशा में कदम उठाए, नहीं तो हालात और खराब हो सकते हैं।
जो केंट का करियर
जो केंट को पिछले साल अमेरिकी सीनेट ने कड़े मुकाबले के बाद इस पद के लिए मंजूरी दी थी। उनके नामांकन को 52 के मुकाबले 44 वोटों से स्वीकृति मिली थी। हालांकि, उनकी नियुक्ति के दौरान कुछ विवाद भी सामने आए थे। कुछ सांसदों ने उनके अतीत और कथित तौर पर दक्षिणपंथी समूहों से जुड़े होने के आरोपों को लेकर सवाल उठाए थे।
राजनीति में आने से पहले केंट ने दो बार कांग्रेस चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके अलावा, उन्होंने अमेरिकी सेना में ‘ग्रीन बेरेट’ के रूप में सेवा दी और कई मिशनों में हिस्सा लिया। बाद में उन्होंने सीआईए में भी काम किया।
आगे क्या असर पड़ेगा?
जो केंट के इस्तीफे के बाद अमेरिका में ईरान को लेकर ट्रंप की नीति पर बहस और तेज हो सकती है। यह मामला सिर्फ विदेश नीति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राजनीतिक और सुरक्षा दृष्टिकोण से भी बड़ा मुद्दा बन सकता है।
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