Famous Gurudwaras in India: गर्मी का सीजन आ गया है अगर आप भी इस गर्मियों के मौसम में कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो ये समय बिल्कुल सही है। सिख धर्म के लोगों साथ-साथ आजकल हर कोई गुरुद्वारा जाना पसंद करता है। भारत में ऐसी बहुत सी जगहें हैं, जहां फेमस गुरुद्वारा मौजूद है। आइए जानते हैं कौन से गुरुद्वारे ऐसे हैं, जहां आप अप्रैल के महीने में जा सकते हैं। इस जगह पर घूमने के लिए लोग देश-विदेश से आते हैं। इन गुरुद्वारों की नक्काशी किसी का भी दिल जीत सकती है। इन गुरुद्वारों में आप अध्यात्मिक शांति के साथ खूबसूरत वास्तुकला और स्वादिष्ट लंगर का मजा ले सकते हैं।
Famous Gurudwaras in India: घूमने के लिए भारत के फेमस गुरूद्वारे

1. पंजाब का स्वर्ण मंदिर
पंजाब के अमृतसर में स्वर्ण मंदिर गुरुद्वारा है, जिसे श्री हरिमन्दिर साहिब और दरबार साहिब के नाम से भी जाना जाता है। यहां घूमने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। स्वर्ण मंदिर पूरे देश में अपनी खूबसूरती के लिए फेमस है। इस गुरुद्वारे की दीवारें सोने की बनी हुई हैं। इस गुरुद्वारे की स्थापना महाराजा रणजीत सिंह ने की थी।
2. पंजाब फतेहगढ़ साहिब गुरुद्वारा
माना जाता है कि साहिबजादा जोरावर सिंह और फतेह सिंह, को बड़ी ही बेरहमी से यहां दीवार में जिंदा चुनवा दिया गया था। ये गुरुद्वारा खूबसूरत दृश्य के लिए फेमस है। फतेहगढ़ साहिब गुरुद्वारा साहिबजादा फतेह सिंह और जोरावर सिंह की शहादत की याद में बनवाया गया था।
3. श्री दमदमा साहिब पंजाब
पंजाब में मौजूद इस तख्त श्री दमदमा साहिब सिक्खों के पवित्र पांच तख्तों में से एक माना जाता है। इसका इतिहास भी बेहद रोमांचक है। गुरु गोविंद सिंह जी यहीं आकर रुके थे और यहां आकर उन्होंने मुगलों का सामना किया था।
4. दिल्ली का शीशगंज गुरुद्वारा
दिल्ली में घूमने के लिए बेहद खूबसूरत और फेमस जगहें मौजूद हैं। जहां हर साल न जानें कितने लोग घूमने के लिए आते हैं। वैसे ही दिल्ली में शीशगंज गुरुद्वारा चांदनी चौक में स्थित है। इस गुरुद्वारे को बघेल सिंह ने सिख धर्म के नौवें सिख गुरु तेग बहादुर की की याद में बनवाया था। कहा जाता है कि इसी जगह पर औरंगजेब ने इस्लाम को अपनाया था और गुरु तेग बहादुर की हत्या करवा दी थी।
5. श्री पटना साहिब गुरुद्वारा
यह गुरुद्वारा बिहार के पटना में मौजूद है, जिसे पटना साहिब सिखों के दसवें गुरु गोविंद सिंह का जन्मस्थान कहा जाता है। माना जाता है कि महाराजा रंजीत सिंह ने इस गुरुदारा का निर्माण करवाया था। इस गुरुद्वारे को गुरु गोविंद सिंह की याद में बनवाया गया था।




















