गाजीपुर बॉर्डर पर पिछले एक साल से अधिक समय से डेरा डाले आंदोलनकारी किसान आज धरना स्थल पूरी तरह खाली कर देंगे। बॉर्डर छोड़ते हुए भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के नेता राकेश टिकैत ने दोहराया कि किसानों का आंदोलन स्थिगित हुआ है, खत्म नहीं। उन्होंने कहा कि कृषि कानून वापस लिए जाने के बाद भी केंद्र से बातचीत चल रही है।
राकेश टिकैत ने बुधवार को कहा, “मैं उन सभी का शुक्रगुजार हूं जो हमारे साथ रहे हैं। मैं उन लोगों का भी आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने लंगर चलाया, ग्रामीण जो हमारे लिए जरूरी सामान लाए। 3 कृषि कानून वापस लिए जाने के बाद केंद्र से बातचीत चल रही है। हमारा आंदोलन स्थगित है, वापस नहीं लिया गया।”
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इससे पहले मंगलवार को हरियाणा के जींद पहुंचे राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों एवं श्रमिकों में बडी से बड़ी ताकत को घुटने के बल झुकाने की शक्ति होती है और इसके साथ ही उन्होंने हालिया समाप्त आंदोलन को जहन में याद रखने के लिए अपने घरों में एक-एक पेड़ लगाने की अपील की।
गौरतलब है कि किसान केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ गाजीपुर सहित सिंघू और टिकरी बॉर्डर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। हालांकि केंद्र द्वारा इन कानूनों को वापस लिए जाने के बाद किसान संगठनों ने भी अपना आंदोलन भी खत्म करने का ऐलान किया और लगभग सारे किसान अपने घरों को लौट गए।


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