भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने औपचारिक तौर से आज यानि सोमवार को आस्ट्रेलियाई के प्रधानमंत्री स्काट मारिसन के साथ अहम शिखर वार्ता की हैं। इस वार्ता के साथ दोनों देशों के संबंध और भी मजबूत हो जाएंगे । साथ ही व्यापार नीति को भी बढ़ावा दिया जाएगा ।हालांकि, शिखर दोनों देशों के उच्च नेताओं ने इस शिखर वार्ता में अहम फैसले लिये है कि रक्षा और सुरक्षा, शिक्षा और इनोवेशन, साइंस और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आगामी समय में दोनों देश मिलकर काम करके एक विश्व में एक नई दोस्ती का उदाहरण देंगे।
व्यापक आर्थिक सहयोग समझौता पर महत्वपूर्ण चर्चा
पीएम ने कहा कि CECA (व्यापक आर्थिक सहयोग समझौता) का शीघ्र पूरा होना दोनों देशों के आर्थिक संबंधों और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि क्वाड में भी हमारे बीच अच्छा सहयोग चल रहा है और यह हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
दोनों देशों के साथ सबसे बड़ा व्यापार समझौता होने की उम्मीद
जानकारी के मुताबिक, शिखर सम्मेलन में भारत में ऑस्ट्रेलियाई सरकार द्वारा अब तक का सबसे बड़ा व्यापार समझौता होने की उम्मीद है। कहा जा रहा है कि कैनबरा भारत में कई क्षेत्रों में 1,500 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा कर सकता है। इस महीने के अंत तक दोनों देशों के बीच जल्द फसल समझौता होने की भी उम्मीद है। फसल समझौते का उद्देश्य दोनों देशों या व्यापारिक ब्लॉकों के बीच कुछ सामानों पर व्यापार शुल्क को कम करना है।
शिखर वार्ता में कौन से है अहम मुद्दे
सूत्रों के मुताबिक, दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच पहली वर्चुअल शिखर वार्ता जून 2020 में हुई थी। इस बैठक में दोनो देशों ने व्यापार को बढ़ाने के लिए अहम रणनीति तैयार की गई थी लेकिन 2022 के शिखर वार्ता मे इस बार व्यापार, महत्वपूर्ण खनिजों, प्रवास और गतिशीलता और शिक्षा में उन्नति को लेकर अहम बातचीत हो सकती हैं।


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