पूर्व प्रधानमंत्री पी वी नरसिम्हा राव को उनकी 100वीं जयंती पर श्रद्धांजलि देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि देश राष्ट्रीय विकास में उनके व्यापक योगदान को याद करता है। कांग्रेस के अनुभवी नेता, राव ने 1991 में प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद पांच साल का कार्यकाल पूरा किया और उन्हें परिवर्तनकारी बदलावों को अमल में लाकर भारतीय अर्थव्यवस्था को उदारवादी बनाने का श्रेय दिया जाता है।
Tributes to former PM Shri PV Narasimha Rao Ji on his 100th birth anniversary. India remembers his extensive contributions to national development. He was blessed with remarkable knowledge and intellect.
Sharing what I had spoken about him during #MannKiBaat in June last year. pic.twitter.com/tRRgXH74Se
— Narendra Modi (@narendramodi) June 28, 2021
मोदी ने ट्वीट किया कि पूर्व प्रधानमंत्री पी वी नरसिम्हा राव जी को उनकी 100 जयंती पर श्रद्धांजलि। भारत राष्ट्रीय विकास में उनके व्यापक योगदान को याद करता है। वे असाधारण ज्ञान एवं बुद्धिमता के धनी थे। प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले साल के अपने रेडियो प्रसारण ‘मन की बात’ की एक क्लिप भी साझा की जिसमें उन्होंने राव को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की थी।
नायडू ने पीवी नरसिम्हा राव को दी श्रद्धांजलि
उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने भी राव को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें कुशल प्रशासक और सफल राजनेता बताया। नायडू जारी एक संदेश में कहा कि राष्ट्र निर्माण में राव के योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। उपराष्ट्रपति ने कहा कि देश में आर्थिक सुधारों के प्रणेता, वरिष्ठ राजनेता, प्रबुद्ध प्रशासक, पूर्व प्रधानमंत्री पी वी नरसिम्हा राव जी की सौवीं जन्म जयंती पर राष्ट्र के लिए उनकी दृष्टि, उनकी निष्ठा को विनम, नमन करता हूं। मेरी विनम, श्रद्धांजलि। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय राव वास्तव में युगपुरुष थे। एक चुनौतीपूर्ण समय में उन्होंने राष्ट्र का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया। उन्हें अनेक भाषाओं का ज्ञान था। उन्होंने साहित्य का गहन अध्ययन किया था। फिर भी शिक्षा के माध्यम के रूप में मातृभाषा के महत्व को अच्छी तरह से समझते थे।
शिवराज ने नरसिम्हा राव की जयंती पर उनका नमन किया
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी अपने ट्वीट के जरिए राव की 100वीं जयंती पर नमन किया। उन्होंने कहा कि लाइसेंस राज को समाप्त कर भारत की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने तथा आमजन के जीवन को सरल बनाने के उनके अभिनव प्रयासों के लिए उन्हें याद किया जायेगा। मुख्यमंत्री के साथ ही राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि अपने दूरदर्शी और साहसिक फैसलों से देश की अर्थव्यवस्था में उदारीकरण का सूत्रपात करने वाले पूर्व प्रधानमंत्री पी वी नरसिम्हा राव को उनकी जयंती पर सादर नमन एवं विनम, श्रद्धांजलि।
कौन थे पी वी नरसिम्हा राव ?
पामुलापति वेंकट नरसिंह राव भारत के राजनेता एवं देश के 10 वें प्रधानमंत्री के रूप में जाने जाते हैं। ‘लाइसेंस राज’ की समाप्ति और भारतीय अर्थनीति में खुलेपन उनके प्रधानमंत्रित्व काल में ही आरम्भ हुआ। ये आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री भी रहे। इनके प्रधानमंत्री बनने में भाग्य का बहुत बड़ा हाथ रहा है। 21 मई 1991 को राजीव गांधी की हत्या हो गई थी। ऐसे में सहानुभूति की लहर के कारण कांग्रेस को निश्चय ही लाभ प्राप्त हुआ। 1991 के आम चुनाव दो चरणों में हुए थे। प्रथम चरण के चुनाव राजीव गांधी की हत्या से पूर्व हुए थे और द्वितीय चरण के चुनाव उनकी हत्या के बाद में।
प्रथम चरण की तुलना में द्वितीय चरण के चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहतर रहा। इसका प्रमुख कारण राजीव गांधी की हत्या से उपजी सहानुभूति की लहर थी। इस चुनाव में कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत नहीं प्राप्त हुआ लेकिन वह सबसे बड़े दल के रूप में उभरी। कांग्रेस ने 232 सीटों पर विजय प्राप्त की थी। फिर नरसिम्हा राव को कांग्रेस संसदीय दल का नेतृत्व प्रदान किया गया। ऐसे में उन्होंने सरकार बनाने का दावा पेश किया। सरकार अल्पमत में थी, लेकिन कांग्रेस ने बहुमत साबित करने के लायक़ सांसद जुटा लिए और कांग्रेस सरकार ने पांच वर्ष का अपना कार्यकाल सफलतापूर्वक पूर्ण किया।
राव ने देश की कमान काफी मुश्किल समय में संभाली थी। उस समय भारत का विदेशी मुद्रा भंडार चिंताजनक स्तर तक कम हो गया था और देश का सोना तक गिरवी रखना पड़ा था। उन्होंने रिजर्व बैंक के अनुभवी गवर्नर डॉ. मनमोहन सिंह को वित्त मंत्री बनाकर देश को आर्थिक भंवर से बाहर निकाला था।


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