Article 370 हटाने के फैसले को चुनौती वाली अर्जियों पर SC करेगा सुनवाई, 2019 में खत्म हुआ था विशेषाधिकार

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सुप्रीम कोर्ट में 23 मई से 11 जुलाई तक गर्मी की छुट्टियों के बाद अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के केंद्र सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई होने की संभावना है।

सुप्रीम कोर्ट में 23 मई से 11 जुलाई तक गर्मी की छुट्टियों के बाद अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के केंद्र सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई होने की संभावना है। सोमवार को वरिष्ठ अधिवक्ता शेखर नफड़े ने मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने इस मामले का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह जरूरी है क्योंकि जम्मू-कश्मीर में परिसीमन किया जाना है। इस पर भारत के मुख्य न्यायाधीश ने जवाब दिया, “यह पांच-न्यायाधीशों की पीठ का मामला है। मुझे दूसरे जजों से पूछना पड़ेगा क्योंकि कुछ जज रिटायर भी होने वाले हैं। हम इस मामले को छुट्टियों के बाद देखेंगे।”
अनुच्छेद 370 को लेकर SC फिर करेगा सुनवाई 
बता दें कि 5 अगस्त 2019 को केंद्र ने अनुच्छेद 370 को निरस्त करके जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा छीन लिया था और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया था। जम्मू और कश्मीर को संविधान के अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35A (राष्ट्रपति के आदेश के माध्यम से बनाया गया) के तहत एक विशेष दर्जा दिया गया था। 
अनुच्छेद 370, अनुच्छेद 35ए के साथ मिलकर, भारत के संविधान के तहत जम्मू और कश्मीर को विशेष दर्जा प्रदान करता है, जिससे इसे एक अलग संविधान और अन्य कानूनी भेदों के बीच एक अलग दंड संहिता की अनुमति मिली थी।
जम्मू-कश्मीर में हुआ परिसीमन आयोग का गठन 
जम्मू-कश्मीर के दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित होने के बाद, क्षेत्र में विधानसभा क्षेत्रों की सीमाओं को फिर से बनाने के लिए एक परिसीमन आयोग का गठन किया गया। आयोग को उम्मीद है कि मई की शुरुआत तक जम्मू-कश्मीर के लिए परिसीमन अभ्यास पूरा हो जाएगा। 

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