यूपी में महोबा जिले की एक कोर्ट ने जिला कोषागार से 92 हजार रुपये गबन करने के 27 साल पुराने मामले में दोषी कर्मचारी को पांच साल के कारावास की सजा सुनाई है।
1996 में घटित घटना में सहायक रोकड़या के पद पर था तैनात
अभियोजन अधिकारी विजय कुमार यादव ने बताया कि महोबा के जिला कोषागार में साल 1996 में घटित घटना में सहायक रोकड़या के पद पर तब तैनात रहे हमीरपुर निवासी नरेश चंद्र मेहरोत्रा ने स्टाम्प बिक्री के लगभग 92130 रुपये जमा न करके उनका गबन कर लिया था।
आईपीसी की धाराओं 406,409,420 के तहत मुकदमा दर्ज
प्रकरण का खुलासा होने पर इस मामले में महोबा सदर कोतवाली में तब आईपीसी की धाराओं 406,409,420 के तहत मुकदमा पंजीकृत कराया गया था।
जिला सत्र न्यायालय परिसर में भारी गहमा.गहमी का माहौल
अभियोजन अधिकारी ने बताया कि सिविल जज एसीजेएम संजीव कुमार त्रिपाठी की कोर्ट में चल रहे इस मामले में करीब सात साक्षियों ने अपने बयान दर्ज कराए। जिसके बाद दोष साबित होने पर न्यायाधीश ने अभियुक्त को पांच साल के कारावास और 5000 रुपये के अर्थदण्ड की सजा सुनाई। लगभग 27 साल पुराने इस प्रकरण में फैसला आने की जानकारी मिलने पर जिला सत्र न्यायालय परिसर में भारी गहमा.गहमी का माहौल रहा।


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