Akhilesh Yadav Daughter Controversy : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव पर सोशल मीडिया पर अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में कानपुर की साइबर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सपा अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव परवीन यादव की लिखित शिकायत के बाद पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Kanpur Cyber Police FIR : अपमानजनक पोस्ट पर 3 हुए नामजद
जानकारी के अनुसार, अदिति यादव की छवि को नुकसान पहुंचाने और सपा प्रमुख के परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने के इरादे से इंटरनेट पर यह मनगढ़ंत और अपमानजनक पोस्ट साझा की गई थी। इस मामले में पुलिस ने भरत कुमार पटेल, नागेश्वर सिंह बघेल और विनोद कुमार यादव को नामजद किया है।
शिकायत में कहा गया है कि बीती 9 जून को भरत कुमार पटेल नामक एक सोशल मीडिया अकाउंट से विवादित पोस्ट अपलोड की गई थी, जिसमें बेहद आपत्तिजनक टिप्पणियां और भ्रामक दावे शामिल थे।
Social Media Defamation Samajwadi Party : साजिश का आरोप

मामले से जुड़े एक पुलिस अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर बताया कि सोशल मीडिया पोस्ट में अदिति यादव को कथित तौर पर चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों से जोड़ने की कोशिश की गई थी। इसके साथ ही उनकी सार्वजनिक छवि बिगाड़ने के लिए एक एडिटेड (संपादित) तस्वीर भी पोस्ट की गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह पूरी सामग्री सोची-समझी साजिश के तहत तैयार की गई थी, ताकि एक प्रतिष्ठित परिवार को बदनाम किया जा सके और जनता के बीच गलत संदेश फैलाकर आक्रोश भड़काया जा सके। मूल पोस्ट पर अन्य दो आरोपियों, नागेश्वर सिंह बघेल और विनोद कुमार यादव ने भी आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणियां की थीं।
कई धाराओं में केस दर्ज
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) विपिन ताडा ने बताया कि भरत कुमार पटेल, नागेश्वर सिंह बघेल और विनोद कुमार यादव के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरोपियों पर महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने, प्रतिष्ठा धूमिल करने की नीयत से जालसाजी करने और आपत्तिजनक सामग्री का इलेक्ट्रॉनिक प्रसारण कर गोपनीयता का उल्लंघन करने से संबंधित सख्त धाराएं लगाई गई हैं।
इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच सीधे साइबर अपराध थाना पुलिस को सौंपी गई है। साइबर अपराध प्रभारी निरीक्षक सतीश यादव के अनुसार, जिस उपकरण (मोबाइल या कंप्यूटर) से यह पोस्ट अपलोड की गई थी, उसकी पहचान की जा रही है। सोशल मीडिया पोस्ट की फोरेंसिक जांच के साथ-साथ संबंधित डिजिटल अकाउंट्स की ट्रेसिंग जारी है ताकि शामिल लोगों पर जल्द सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।























