पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर चल रही उथल-पुथल के बीच, सांसद महुआ मोइत्रा ने अपनी करीबी सहयोगी और जादवपुर की सांसद सायनी घोष को लेकर भावुक प्रतिक्रिया दी है। एक इंटरव्यू में महुआ ने कहा कि सायनी के फैसले से उन्हें गहरा व्यक्तिगत दुख पहुंचा है। उन्होंने कहा कि राजनीति में कड़ी मेहनत और हुनर तो ज़रूरी है ही, लेकिन वफ़ादारी का भी अपना महत्व है। महुआ ने सायनी को सिर्फ़ एक राजनीतिक सहयोगी नहीं, बल्कि परिवार का सदस्य बताया। उन्होंने कहा कि अगर कोई और नेता पार्टी छोड़ता तो शायद उन्हें इतना दुख नहीं होता, लेकिन सायनी के मामले ने उन्हें बहुत प्रभावित किया है।
Mahua Moitra on Sayoni Ghosh: सायनी की ईमानदारी और संघर्ष की तारीफ़

महुआ मोइत्रा ने सायनी घोष के चरित्र और उनके संघर्ष के सफ़र की खुलकर तारीफ़ की। उन्होंने कहा कि सायनी ने कड़ी मेहनत से राजनीति में अपनी जगह बनाई है और वह बहुत सादा जीवन जीती हैं। महुआ के अनुसार, सायनी ऐसी इंसान नहीं हैं जो निजी फ़ायदे या पैसों के लालच में फ़ैसले लें। उन्होंने बताया कि सायनी ने शून्य से शुरुआत करके अपनी जगह बनाई है और वह एक संवेदनशील व मेहनती नेता हैं। महुआ ने यह भी कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि सायनी का कभी भी किसी का नुकसान करने का इरादा नहीं रहा।
Sayoni Ghosh latest News: फ़ैसले की बड़ी वजह डर को बताया गया
सायनी घोष के रुख़ में बदलाव के बारे में महुआ ने कहा कि डर एक बड़ी वजह हो सकती है। उन्होंने माना कि भले ही उन्हें पूरी सच्चाई न पता हो, लेकिन हालात अक्सर लोगों को मुश्किल फ़ैसले लेने पर मजबूर कर देते हैं। महुआ ने सलाह दी कि ज़िंदगी में आगे बढ़ने के लिए डर पर काबू पाना ज़रूरी है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि सायनी 2021 में TMC में शामिल हुई थीं और पार्टी ने उन्हें कम समय में कई बड़े मौके दिए—जैसे विधानसभा चुनाव का टिकट, युवा विंग की कमान और एक अहम लोकसभा सीट से उम्मीदवारी। महुआ ने कहा कि करीबी सहयोगियों के जाने से सबसे ज़्यादा दुख होता है और भरोसा डगमगा जाता है।























