हाल ही में कई मंदिरों से चंदा एवं दान चोरी की खबरे सामने आई हैं। एक और मामला लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र के प्रसिद्ध बुद्धेश्वर मंदिर से आया है। यहां से लगातार घंटे चोरी हो रहे थे। इससे परेशान होकर मंदिर प्रशासन ने पहरा बैठाया। अंततः चोर पकड़ा गया और वो चोर कोई और नहीं, बल्कि मंदिर का सेवादार ही निकला। जब वह एक बैग में पीतल के भारी-भरकम एक दर्जन से ज्यादा घंटे चोरी करके ले जा रहा था, तभी उसे रंगे हाथ पकड़ लिया गया। फिलहाल लोगों ने उसको पुलिस के हाथों में सौंप दिया है।
बैग में घंटे भरकर ले जा रहा था सेवादार
मंदिर परिसर में पिछले कई दिनों से लगातार घंटे चोरी हो रहे थे। शुरुआत में लगा कि कोई बाहरी चोरी है। लेकिन जैसे-जैसे चोरी की घटनाएं बढ़ी, तो मंदिर समिति कोई शक हुआ कि ये कोई बाहरी नहीं बल्की अंदर का ही है। इसके बाद मंदिर समिति ने निगरानी बढ़ाई। बुधवार को जब मंदिर का सेवादार परिसर से बाहर निकल रहा था तो प्रशासन कको उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं। उसके हाथ में एक बैग भी था। जब उसे खुलवाया गया, तो उसमें से दर्जन भर से ज्यादा घंटे थे। आरोपी की पहचान गोलू उर्फ गौरव के रूप में हुई है।
बताया जा रहा है कि आरोपी श्रृंगार आरती की व्यवस्था से जुड़ा है। इसी का फायदा उठकर वह चोरी की घटना को अंजाम दे रहा था। लोगों को शक है कि पहले भी मंदिर में चोरी हुई हैं, वो भी इसी के द्वारा की गई है।
लखनऊ पारा थाना क्षेत्र के प्रसिद्ध बुद्धेश्वर मंदिर में आस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है,
बुद्धेश्वर मंदिर का ही एक सेवादार पिछले कई दिनो से चुपके-चुपके बेशकीमती घंटे चोरी कर रहा था,
लगातार हो रही चोरियों से परेशान मंदिर प्रशासन ने जब पहरा बिठाया, तो आज आरोपी… pic.twitter.com/9kn8N7QxEc
— Adv. Arbaz Khan (@arz7850) July 9, 2026
आरोपी को पुलिस को सौंपा
स्थानीय लोगों ने आरोपी रंगे हाथ पकड़ने के बाद पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अब पुलिस आरोपी के पास से बरामद घंटों को कब्जे में इस मामले में आगे की जांच कर रही है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर ये जानने की कोशिश कर रही है कि कब से चोरी की जा रही है, इन घंटों को वह कहां बेचता था, क्या इसमें और दूसरा व्यक्ति भी शामिल है? इन सभी एंगल को ध्यान में रखकर जांच चल रही है।
मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम
इस चोरी के बाद मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने का फैसला किया है। अब परिसर में तैनात सेवादारों और कर्मचारियों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी और उनकी जांच होगी। मंदिर की सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए आधुनिक उपकरणों और उपायों पर विचार किया जा रहा है।



















