उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को प्रदेश में कुछ जगहों पर सीएए के खिलाफ हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद प्रदर्शकारियों से शांति की अपील की। उन्होंने कहा कि जो लोग दोषी पाए जाएंगे, उनकी संपत्ति जब्त की जाएगी और सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान का हर्जाना वसूला जाएगा।
मुख्यमंत्री ने एक बयान जारी कर कहा कि आमजन के जानमाल की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि उपद्रवियों को चिन्हित कर उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अफवाह फैलाने वालों पर भी निगरानी रखी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘प्रदर्शन के नाम पर हिंसा प्रदेश सरकार कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। मैंने एक बैठक बुलाई है और मैं खुद इसकी समीक्षा कर रहा हूं। जो भी इस हिंसा का जिम्मेदार होगा, उसकी जवाबदेही भी तय करेंगे। उपद्रवियों के चेहरे वीडियोग्राफी और सीसीटीवी कैमरों में कैद हो चुके हैं।’
योगी ने कहा कि पूरे प्रदेश में 8 नंवबर से निरंतर धारा 144 लागू है। बिना परमिशन के कोई भी प्रदर्शन नहीं कर सकता है। प्रदर्शन के नाम पर हिंसा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मैंने खुद लोगों से अपील की थी और कहा था कि लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। आपसी संवाद से सभी समस्याओं का समाधान हो सकता है।’
योगी ने कहा कि सीएए पर दुष्प्रचार करना बंद करना होगा। लोगों को वास्तविक जानकारी देनी होगी।
उन्होंने कहा,’राजनीति की रोटी सेंकने वाली कांग्रेस, सपा और वामपंथी संगठनों ने आज महाबंदी के नाम पर पूरे देश को आगजनी की चपेट में झोंकने का प्रयास किया है। यह अस्वीकार्य है और उत्तर प्रदेश में ऐसे अराजक तत्वों से हमारी सरकार सख्ती से निपटेगी।’


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