अतीक-अशरफ हत्याकांड में लॉरेंस की एंट्री, पूछताछ कर सकती है NIA

Summary :

अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की सनसनीखेज हत्या के मामले में एनआईए गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से पूछताछ कर सकती है।

अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की सनसनीखेज हत्या के मामले में एनआईए गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से पूछताछ कर सकती है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के सूत्रों ने कहा कि वे अतीक और अशरफ के तीनों हत्यारों द्वारा इस्तेमाल किए गए हथियारों के संबंध में उससे पूछताछ करेंगे। सूत्रों ने कहा, हत्यारों ने अतीक और अशरफ को खत्म करने के लिए तुर्की निर्मित पिस्तौल जिगाना का इस्तेमाल किया। यह वही हथियार था जिसका इस्तेमाल पंजाबी गायक सिद्धू सिंह मूसेवाला को मारने के लिए किया गया था।
सूत्रों ने बताया कि गैंगस्टर सुंदर भाटी के तार लॉरेंस बिश्नोई से भी जुड़े हैं और वे इस पहलू को भी देख रहे हैं। अतीक और अशरफ के हत्यारों में से एक सन्नी बिश्नोई को अपना आर्दश बताता था। पिछले साल एनआईए ने तीन अलग-अलग प्राथमिकी (एफआईआर संख्या 37, 38, 39) दर्ज की थीं। एफआईआर संख्या 37 में एजेंसी ने विदेशी आधार वाले खालिस्तान समर्थक के बारे में जिक्र किया था जो भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने और देश में अशांति पैदा करने की साजिश रच रहे थे।
बंबीहा गैंग के खिलाफ एफआईआर नंबर 38 दर्ज की गई थी जिसमें नीरज बवाना, कौशल चौधरी व अन्य को आरोपी बनाया गया था। इसके अलावा लॉरेंस बिश्नोई, कला जठेड़ी, काला राणा और उनके सहयोगियों के खिलाफ प्राथमिकी संख्या 39 दर्ज की गई थी। सूत्र ने कहा, आज लॉरेंस बिश्नोई को प्राथमिकी संख्या 37 के संबंध में एनआईए अदालत में पेश किया गया। हाल ही में, हमने इस मामले में एक दीपक को पकड़ा था। दीपक बिश्नोई के संपर्क में था। सूत्रों ने कहा कि गैंगस्टरों ने अखिल भारतीय नेटवर्क बनाकर अपने अपराध सिंडिकेट को सुचारू रूप से चलाने के लिए दो ‘महागठबंधन’ बनाए हैं।
सूत्र ने कहा, गैंगस्टर्स के महागठबंधन में ग्रुप ए नीरज बवाना का है। नीरज बवाना के महागठबंधन में सौरभ उर्फ गौरव, सुवेघ सिंह उर्फ सिब्बू, सुभम बलियान, राकेश उर्फ राका, इरफान उर्फ छेनू, रवि गंगवाल और रोहित चौधरी और दविंदर बंबीहा गैंग हैं। लॉरेंस बिश्नोई के ग्रुप (टीम बी) में संदीप उर्फ काला जतेहड़ी, कपिल सांगवान उर्फ नंदू, रोहित मोई, दीपक बॉक्सर, प्रिंस तेवतिया, राजेश बवानिया और अशोक प्रधान हैं। महागठबंधन के ये दोनों गैंगस्टर कई राज्यों में कहर बरपा चुके हैं और गैंगवार में भी शामिल हैं। अधिकारी ने कहा, अगर उनकी टीमों का अतीक और अशरफ हत्याकांड से कोई संबंध है, तो हम पूरे ऑपरेशन को यूपी पुलिस के साथ साझा करेंगे।

Desk Team