लखनऊ अग्निकांड; SIT ने संभाली जांच, 4 अफसर सस्पेंड और मकान मालिकों समेत 4 गिरफ्तार

Lucknow Fire Incident

Lucknow Fire Incident : अलीगंज के व्यावसायिक भवन में सोमवार को हुए दर्दनाक अग्निकांड की उच्च स्तरीय जांच तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (SIT) ने मंगलवार सुबह घटनास्थल का दौरा किया। टीम के साथ फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स भी मौजूद थे, जिन्होंने मलबे से साक्ष्य जुटाए। हादसे में 15 लोगों की मौत के बाद शासन इस मामले में सीधे दोषियों पर कार्रवाई की तैयारी में है।

किया बारीकी से मुआयना

Lucknow Fire Incident

जांच टीम ने करीब एक घंटे तक तीन मंजिला इमारत के हर हिस्से का बारीकी से मुआयना किया। इस दौरान पूरे परिसर की अलग-अलग कोणों से फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई गई। फॉरेंसिक टीम ने आग की तीव्रता और उसके फैलने के पैटर्न को समझने के लिए जरूरी सैंपल इकट्ठा किए हैं।

एसी पैनल पर टिकी जांच की सुई

Lucknow Fire Incident

शुरुआती तफ्तीश में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा है। यही कारण है कि SIT और फॉरेंसिक के अधिकारियों ने बेसमेंट और दीवारों पर लगे एयर कंडीशनर (AC) के आउटडोर पैनलों की बहुत गहराई से जांच की। आशंका है कि इन पैनलों में हुए किसी फॉल्ट के कारण ही चिंगारी निकली और उसने पूरी बिल्डिंग को चपेट में ले लिया।

इमारत से बाहर निकलने के बाद जांच टीम में शामिल अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने कहा कि हर एक बिंदु को ध्यान में रखकर पड़ताल की जा रही है। मौके से लिए गए नमूनों को फॉरेंसिक लैब भेजा जा रहा है, और वहां से रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी।

वहीं, एडीजी प्रवीण कुमार ने बताया कि अभी किसी अंतिम नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी, लेकिन जांच रिपोर्ट जल्द से जल्द शासन को सौंप दी जाएगी। टीम ने बिल्डिंग से जुड़े निर्माण और एनओसी के दस्तावेज भी तलब किए हैं।

4 अधिकारी सस्पेंड

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SOURCE : SOCIAL MEDIA

सोमवार दोपहर हुए इस हादसे में दम घुटने और झुलसने के कारण 15 लोगों की असमय मौत हो गई थी, जबकि 9 अन्य लोग घायल हैं, जिनका इलाज चल रहा है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है।

इस मामले में लापरवाही बरतने और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप में इमारत के मालिकों समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

दूसरी ओर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार देर रात एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई थी। मुख्यमंत्री के सख्त रुख के बाद, संबंधित विभागों के चार अधिकारियों को काम में लापरवाही बरतने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा गठित इस एसआईटी में अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और लखनऊ जोन के एडीजी  प्रवीण कुमार शामिल हैं, जो सीधे तौर पर इस पूरी घटना की जवाबदेही तय करेंगे।

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