देश में बढ़ती हुई महंगाई, बेरोजगारी, गरीबी की जबर्दस्त मार व तनाव झेल रही जनता अब पेट्रोल, डीजल व रसोई गैस आदि आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के कारण घुट-घुट कर जीने को मजबूर है, यह अति-चिन्ताजनक है। केन्द्र सरकार इस मामले को जरूर गंभीरता से ले।
— Mayawati (@Mayawati) April 7, 2022
मायावती ने पहले भी महंगाई को लेकर साधा था निशाना
ज्ञात हो कि बसपा मुखिया ने इससे पहले भी महंगाई को लेकर केन्द्र सरकार पर निशाना साधा और कहा था कि, देश के पांच राज्यों में विधान सभा आम चुनाव संपन्न होने के बाद अब तक उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में डीजल व पेट्रोल आदि के कई बार दाम बढ़ चुके हैं, जिसकी सीधी मार गरीब एवं मध्यम वर्गो पर पड़ रही है। केन्द्र सरकार इसे कम करने हेतु उचित कदम जरूर उठाये। गौरतलब हो कि पेट्रोल-डीजल में हो रही बढ़ोतरी को लेकर यूपी के सभी विपक्षी दल केन्द्र सरकार पर हमलावर है।
अखिलेश यादव ने भी साधा था निशाना
मायावती से पहले सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भी महंगाई को लेकर निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि, जनता कह रही है कि 80 पैसे प्रतिदिन या लगभग 24 रुपये महीने के हिसाब से पेट्रोल के दाम यूं ही बढ़ते रहे तो अगले जो चुनाव नवंबर-दिसंबर में होंगे, इस बीच सात महीने में दाम लगभग 175 रुपये बढ़ जाएंगे मतलब आज के 100 रुपये लीटर से बढ़कर पेट्रोल 275 रुपये लीटर हो जाएगा। ये है भाजपाई महंगाई का गणित।


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