मुजफ्फरनगर : उत्तर प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों को ध्यान में रखते हुए मुजफ्फरनगर जिला जेल प्रशासन ने जेल में भीड़ कम करने के कारण सोमवार को 43 कैदियों को पेरोल पर रिहा कर दिया। ताकि इन्हें कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाया जा सके। मुजफ्फरनगर जेल अधीक्षक ए के सक्सेना ने कहा कि कारावास समिति की सिफारिश पर कैदियों को आठ सप्ताह की पेरोल पर रिहा कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि इलाहबाद उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार को कोरोना वायरस की रोकथाम के लिये क्षमता से अधिक भरी हुई जेलों में भीड़ कम करने के लिये कहा था, जिसके आधार पर कारावास समिति ने कैदियों को पेरोल पर रिहा करने की सिफारिश की थी।
मुजफ्फरनगर जिला जेल में कुल 2,272 कैदी बंद हैं। इसमें शामली जिले के कैदियों को भी रखा गया है, जहां कोई जेल नहीं है। इससे पहले रविवार को जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रही 70 वर्षीय महिला की हार्ट अटैक के बाद मौत हो गई थी। इसके अलावा शनिवार को भी एक अन्य कैदी की किडनी फेल हो जाने के बाद मौत हो गई थी।


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