जहवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के मौजूदा हालातों को लेकर केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने एक बयान दिया है। नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में मेरठ में एक रैली को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अगर चाहते हैं कि जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) और जामिया मिल्लिया इस्लामिया में देशविरोधी नारेबाजी न हो तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश को 10 फीसदी आरक्षण दे दीजिए।
उन्होंने रैली को संबोधित करते हुए कहा, “मैं राजनाथ जी से निवेदन करूंगा जो जेएनयू, जामिया में देश के विरोध में नारे लगाते हैं, इनका इलाज एक ही है। पश्चिम उत्तर प्रदेश का वहां 10 प्रतिशत आरक्षण करवा दो, सबका इलाज कर देंगे, किसी की जरूरत नहीं पड़ेगी।”
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संजीव बालियान ने आगे कहा कि वहां कोई नारा नहीं लगा पाएगा। ये उनको भी संदेश है, जो इस कानून का विरोध करते हैं। जब देश आजाद हुआ 7 करोड़ मुसलमान थे। अब 20 प्रतिशत हैं और पश्चिम उत्तर प्रदेश में 50 प्रतिशत। तो हिंदू 23 प्रतिशत से 3 प्रतिशत और मुसलमान 7 प्रतिशत से 40 प्रतिशत। अंतर इतना बड़ा है, अपने आप देख लें।
गौरतलब है की केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नागरिकता संशोधित कानून में 31 दिसंबर 2014 को या उससे पहले पाकिस्तान, बांग्लादेश तथा अफगानिस्तान से आए हिंदू, सिख, बौद्ध, ईसाई, जैन और पारसी समुदायों के शरणार्थियों को नागरिकता देने का प्रावधान है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 12 दिसंबर 2019 को नागरिकता संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी जिससे उसने कानून की शक्ल ले ली।


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