उत्तर प्रदेश रेरा ने 2,707 रियल एस्टेट एजेंट्स को परियोजनाओं से हटाया

Summary :

रेरा ने प्रशिक्षण के बिना 2,707 एजेंट्स को परियोजनाओं से हटाया

उत्तर प्रदेश रेरा ने 2,707 रियल एस्टेट एजेंट्स का रजिस्ट्रेशन लैप्स होने के बाद उन्हें संबंधित परियोजनाओं के एजेंट सेक्शन से हटा दिया है। अब इन एजेंट्स को रेरा में पंजीकृत परियोजनाओं में क्रय-विक्रय की अनुमति नहीं होगी। उत्तर प्रदेश रेरा रियल एस्टेट एजेंट्स के लिए प्रशिक्षण और प्रमाणीकरण कार्यक्रम चला रहा है, जो पहले से पंजीकृत एजेंट्स और नए पंजीकरण के इच्छुक व्यक्तियों और संस्थाओं के लिए अनिवार्य है। यह प्रशिक्षण लखनऊ में इंडिया लिटरेसी बोर्ड और गौतमबुद्धनगर में छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (कानपुर) के सहयोग से संचालित हो रहा है। अब तक लखनऊ में पांच और गौतमबुद्धनगर में एक बैच का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है।

रेरा के अनुसार, रियल एस्टेट एजेंट्स का प्रशिक्षण के बिना पंजीकरण और नवीनीकरण संभव नहीं होगा। यदि पहले से पंजीकृत एजेंट ने प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र प्राप्त नहीं किया, तो उनका पंजीकरण नवीनीकरण के योग्य नहीं होगा। इस संबंध में रेरा ने पहले भी प्रेस विज्ञप्तियां जारी की थी और एजेंट्स से प्रशिक्षण के लिए पोर्टल पर एनरोलमेंट कराने का आग्रह किया था।

उत्तर प्रदेश में कुल 6,715 एजेंट्स पंजीकृत हैं, जिनमें से 4,448 एनसीआर और 2,267 अन्य जनपदों से हैं। इनमें से 1,867 एनसीआर और 840 अन्य जनपदों के एजेंट्स का पंजीकरण लैप्स हो चुका है। अब तक 179 एनसीआर और 237 अन्य जनपदों के एजेंट्स ने प्रशिक्षण के लिए एनरोलमेंट किया है।

रेरा अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने कहा कि यह प्रशिक्षण एजेंट्स को उनके काम को बेहतर तरीके से समझने और होम बायर्स को संतोषजनक सेवाएं प्रदान करने के लिए अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि भविष्य में केवल प्रशिक्षित एजेंट्स को पंजीकरण मिलेगा और रजिस्ट्रेशन के नवीनीकरण के लिए भी प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र अनिवार्य होगा। उन्होंने सभी पंजीकृत एजेंट्स से रेरा की वेबसाइट पर जाकर जल्द से जल्द प्रशिक्षण प्राप्त करने की अपील की है, ताकि वे उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं प्रदान कर सकें।

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