Uttar Pradesh Waqf Amendment: केंद्र सरकार के वक्फ संशोधन कानून को लेकर देश के सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है। मध्य प्रदेश में नए नियमों के तहत वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन होने के बाद अब पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में भी इसकी सुगबुगाहट शुरू हो गई है।
एमपी सरकार के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए यूपी के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ किया कि उत्तर प्रदेश में भी जल्द ही पूरे नियम-कायदे और बायलॉज के हिसाब से वक्फ संशोधन कानून को लागू किया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार का मकसद वक्फ संपत्तियों के रख-रखाव में पूरी पारदर्शिता लाना है और देश के हर राज्य के लिए इसे मानना अनिवार्य है।
दो हिंदू सदस्य शामिल

बता दें, मध्य प्रदेश इस संशोधन कानून को लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार ने सूबे के वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन कर दिया है। पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा 4 जुलाई को जारी गजट नोटिफिकेशन के मुताबिक, नए 10 सदस्यीय बोर्ड में दो गैर-मुस्लिम यानी हिंदू सदस्यों को जगह दी गई है। इनमें इंदौर के मनोज मालपानी और गुना के अनिमेष भार्गव शामिल हैं, जबकि बीजेपी नेता सांवर पटेल को बोर्ड का अध्यक्ष बनाए रखा गया है।
हालांकि मध्य प्रदेश में लागू हुए एक्ट के विरोध में कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने बोर्ड में गैर-मुस्लिमों को शामिल करने के फैसले को पूरी तरह गलत ठहराया है। राजधानी भोपाल के पुराने इलाकों और मुस्लिम बहुल इलाकों में इस फैसले को लेकर चर्चाएं गर्म हैं।
महिलाओं को मिलेगा हक

इसी कड़ी में लखनऊ में मीडिया से बातचीत करते हुए मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि 2024 के वक्फ संशोधन नियमों के तहत जो भी नया बोर्ड बनेगा, वह ज्यादा लोकतांत्रिक होगा। इसमें मुस्लिम समाज के हर तबके को जगह मिलेगी। उन्होंने खास तौर पर पिछड़े पसमांदा मुसलमानों और महिलाओं के प्रतिनिधित्व की बात कही।
मंत्री ने बताया कि नए बोर्ड के गठन में गैर-मुस्लिम सदस्यों को भी शामिल किया जाएगा। सरकार की नीयत साफ है कि वक्फ की कीमती जमीनों का प्रबंधन सुचारू रूप से चले और भ्रष्टाचार पर लगाम लगे। उन्होंने दावा किया कि यूपी सरकार भी इस केंद्रीय अधिनियम को पूरी तरह जमीन पर उतारेगी।
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