Etah 8 year old boy mother death: उत्तर प्रदेश के एटा से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने लोगों को हैरान कर दिया है। जैथरा थाना क्षेत्र के नगला धीरज गांव का आठ साल का एक मासूम अपनी मां का शव लेकर खुद पोस्टमार्टम कराने जिला अस्पताल पहुंचा। बच्चे के साथ उसके परिवार का कोई भी सदस्य मदद करने नहीं पहुंचा। यहां तक कि बच्चे को मां का पोस्टमार्टम भी खुद ही कराना पड़ा।
child carrying mother body for postmortem: क्या है पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बच्चे की मां की मौत एचआईवी संक्रमण से जुड़ी गंभीर बिमारी की वजह से वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान हुई. बच्चे के पिता की मौत भी पिछले साल 2025 में इसी गंभीर बिमारी से हुई थी। इसके बाद परिवार का कोई सहारा नहीं बचा था। रिश्तेदार ने संपत्ति की लालच के लिए न केवल इलाज में मदद की, बल्कि बिमारी के डर से दूरी भी बना ली। इस परेशानी में आठ साल के इस बच्चे ने कमाल का साहस दिखाते हुए लोगों के लिए एक मिशाल बन गया।
Etah medical college incident: बच्चे की हालत देखकर लोग हुए हैरान!
इस हालात में मासूम बच्चा अपनी मां के शव को लेकर अकेले ही जिला मुख्यालय पहुंचा। अस्पताल में उसने खुद ही पोस्टमार्टम से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी कीं। पोस्टमार्टम कक्ष के बाहर वह मां के पार्थिव शरीर के पास खड़ा फूट-फूटकर रोता रहा और बार-बार मदद की गुहार लगाता रहा, लेकिन काफी देर तक कोई आगे नहीं आया। यह मार्मिक दृश्य देखकर अस्पताल कर्मियों और वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। बच्चे की आंखों में आंसू और चेहरे पर झलकती लाचारी हर किसी का दिल तोड़ देने वाली थी।
❄️ एटा में दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है जिसे सुनकर दिल से दर्द होता है ।
एक 8 वर्षीय बच्चे की माँ AIDS से मर गयी उसके पिता की मृत्यु भी इसी बीमारी से 1 साल पहले हो चुकी है। अब बच्चा अनाथ हो गया बीमारी की वजह से उसके रिश्तेदार भी मुंह मोड़ लिए
बच्चे ने अपनी माँ का सब जगह… pic.twitter.com/bXkrBUwW1N— 𝗦𝗨𝗡𝗶𝗟 𝗣𝗥𝗔𝗧𝗔𝗣 ᵖʳᵃʲᵃᵖᵃᵗⁱ (@SunilPtp) January 16, 2026
Etah Crime News: घटना पर पुलिस का बयान (Etah 8 year old boy mother death)
मामले की गंभीरता को देखते हुए जैथरा थाना प्रभारी रितेश ठाकुर ने तत्काल हस्तक्षेप किया। पुलिस ने बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित की और अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी प्रशासन ने अपने हाथों में ली। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि बच्चे को हरसंभव सहायता दी जाएगी, ताकि वह खुद को अकेला महसूस न करे।

























