कर्ज के पैसे चुकाने के लिए किडनी बेचने को मजबूर हुआ परिवार, पोस्टर लगा लगाई गुहार

Summary :

आर्थिक रूप से कमजोर एक परिवार ने उस समय हार मान ली, जब उनको अपने ऊपर चढ़े कर्ज के पैसे लौटाने के लिए कोई सहारा नहीं मिला। अब तंगी से परेशान परिवार ने डीएम ऑफिस के बाहर अपनी किडनी बेचने वाले पोस्टर लगा दिया। जिसके बाद ये मामला शासन और प्रशासन के नजर में आया। मामला महाराष्ट्र के नांदेड़ से सामने आई है, जहां कर्ज में डूबे एक परिवार ने कर्जदारों से परेशान होकर ऐसे पोस्टर विज्ञापन का सहारा लिया। पति की हो चुकी है मौत जानकारी के अनुसार परिवार के मुखिया के मौत के बाद अपने दो बच्चों के…

आर्थिक रूप से कमजोर एक परिवार ने उस समय हार मान ली, जब उनको अपने ऊपर चढ़े कर्ज के पैसे लौटाने के लिए कोई सहारा नहीं मिला। अब तंगी से परेशान परिवार ने डीएम ऑफिस के बाहर अपनी किडनी बेचने वाले पोस्टर लगा दिया। जिसके बाद ये मामला शासन और प्रशासन के नजर में आया। मामला महाराष्ट्र के नांदेड़ से सामने आई है, जहां कर्ज में डूबे एक परिवार ने कर्जदारों से परेशान होकर ऐसे पोस्टर विज्ञापन का सहारा लिया।

सत्यभामा चंचुलवाड अपने बच्चों के साथ मदद की गुहार लगाते हुए।

पति की हो चुकी है मौत

जानकारी के अनुसार परिवार के मुखिया के मौत के बाद अपने दो बच्चों के साथ महिला मदद की उम्मीद में जगह-जगह भटक रही थी। एक समय ऐसा आया कि महिला को अपना गांव छोड़ना पड़ा। पीड़िता ने जब डीएम ऑफिस के बाहर अपनी और अपने बच्चों की किडनी बेचने के पोस्टर लगाएं, तो मामला सभी के नजर में आया। इस केस में नांदेड़ पुलिस नें कहा कि हमने पोस्टर पर लिखे नंबर पर संपर्क किया। जिसके बाद महिला का बयान दर्ज कर लिया।

तंगी से परेशान परिवार ने डीएम ऑफिस के बाहर अपनी किडनी बेचने वाले पोस्टर लगा दिया।

साहूकार से लिया था 2 लाख का कर्ज

जानकारी के अनुसार महिला का नाम सत्यभामा चंचुलवाड है, जो मुदखेड तालुका की रहने वाली है। महिला के पति को सांप ने काट लिया था। जिसके इलाज के लिए परिवार ने गांव के एक साहूकार से 2 लाख रुपये का कर्ज लिया था। इंडिया टीवी के रिपोर्ट के अनुसार परिवार ने कई बार पैसे भी चुकाए लेकिन ब्याज के पैसे के लिए। साहुकारों ने उनके पति को मारा। इसके बाद महिला के बेटे और बेटी ने 3 जुलाई 2021 को डीएम और पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर लिखित शिकायत दी थी, लेकिन उस पर कोई भी कार्रवाई नहीं की गई।

पुलिस ने किया बयान दर्ज

कर्जदारों से परेशान होकर महिला पिछले साल से गांव छोड़ कर मुंबई में रह रही थी। लेकिन दो दिन पहले मामला उस समय उजागर हो गया जब महिला ने नांदेड़ डीएम ऑफिस के बाहर अपने किडनी बेचने का पोस्टर लगाया तो मुदखेड पुलिस ने सत्यभामा को बुला उनका बयान दर्ज कर लिया है। पर इस मामले में अभी तक इस बात की जानकारी नहीं लग सकी है कि पुलिस ने इस मामले में कोई केस दर्ज नहीं किया है।

Desk Team