भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव यानी जन्माष्टमी का पर्व आने में अब कुछ ही दिन बचे हैं। इस बार यह त्योहार दो दिन तक मनाया जाएगा। ऐसे में लोगों को दुविधा है कि वह किसी दिन व्रत रखें। भगवान श्री कृष्ण के भक्तों को इन दिनों बस जन्माष्टमी के पर्व का इंतजार है। यह त्योहार हर साल देशभर में धूम-धाम से मनाया जाता है।
भगवत महापुराण और विष्णु पुराण के अनुसार, इस दिन भगवान श्री कृष्ण का जन्म हुआ था। इसलिए हर साल इस दिन मंदिरों से लेकर हर घर में झांकियां सजाई जाती हैं, घरों और मंदिरों को सजाया जाता है। लोग इस दिन व्रत रखते हैं और पूजा अर्चना करके अपने आराध्य देव के जन्म का उत्सव मनाते हैं। लेकिन इस साल यह उत्सव दो तारीखों में मनाया जाने वाला है। इसलिए लोगों के मन में उलझन है कि वह किस दिन व्रत रखें और पूजन करें। तो यहां जानिए जन्माष्टमी 202 की सही व्रत की तिथि ।

क्या है जन्माष्टमी 2022 की सही तिथि?
पंचांग के अनुसार, जन्माष्टमी इस बार 2 दिन मनाई जाएगी। पहली 18 अगस्त को होगी जिसे गृहस्थ जीवन जीने वाले लोग मनाएंगे। वहीं 19 अगस्त की जन्माष्टमी साधु-संत मनाएंगे। इस बार जन्माष्टमी काफी खास होने वाली है। क्योंकि इस दिन काफी खास योग बन रहे हैं। इस दिन वृद्धि योग भी लग रहा है। मान्यता है कि जन्माष्टमी पर वृद्धि योग में पूजा करने से आपके घर की सुख संपत्ति में वृद्धि होती है और मां लक्ष्मी का वास होता है।
जन्माष्टमी 2022 का शुभ मुहूर्त
तिथि- 18 अगस्त 2022, गुरुवार
अष्टमी तिथि प्रारंभ- 18 अगस्त शाम 9 बजकर 21 मिनट से शुरू
अष्टमी तिथि समाप्त- 19 अगस्त रात 10 बजकर 59 मिनट तक
अभिजीत मुहूर्त – 18 अगस्त को दोपहर 12 बजकर 05 मिनट से 12 बजकर 56 मिनट तक।
वृद्धि योग – 17 अगस्त दोपहर 8 बजकर 56 मिनट से 18 अगस्त रात 08 बजकर 41 मिनट तक


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