मान्यता है कि भगवान वेंकटेश्वर स्वामी की मूर्ति पर लगे बाल असली हैं और वे कभी उलझते नहीं हैं
जब आप मंदिर के गर्भ गृह में प्रवेश करेंगे तो भगवान श्री वेंकेटेश्वर की मूर्ति गर्भ गृह के मध्य में दिखेगी लेकिन जैसे ही आप गर्भ गृह के बहार जाएंगे तो भगवान की मूर्ति दाहिनी तरफ दिखेगी
मान्यता के अनुसार भगवन के इस रूप में माता लक्ष्मी भी समाहित हैं और इसी के कारण श्री वेंकेटेश्वर स्वामी को स्त्री और पुरुष दोनों के वस्त्र पहनाए जाते हैं
श्री वेंकेटेश्वर स्वामी की प्रतिमा को पसीना आता है। उनकी प्रतिमा पर कई बार पसीने की बूंदें देखने को मिली हैं। इसी कारणवश भगवन की प्रतिमा को जीवंत माना जाता है
तिरुपति बालाजी मंदिर से 23KM दूर एक गांव हैं और वहां के लोग आज भी अनुशासित हैं और नियमों का पालन कर जीवन व्यतीत करते हैं। भगवान के चढ़ावे के लिए पदार्थ उसी गांव से आते हैं
भगवन को जब चन्दन का लेप लगाया जाता है तो भगवान वेंकेटेश्वर के हृदय में माता लक्ष्मी जी की आकृति दिखाई देती है
मान्यता है कि भगवान की मूर्ति पर जब आप कान लगाएंगे तो आपको समुद्र की लहरों की ध्वनि सुनाई देगी
तिरुपति बालाजी मंदिर में एक दीपक हमेशा जलता रहता है
चौंकाने वाली बात ये है कि कोई इस दीपक में तेल या घी नहीं डालता



Download Android App
Download iOS App












