मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पाकिस्तान के नेता प्रतिपक्ष और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के अध्यक्ष शहबाज शरीफ और उनके बेटे हमजा के खिलाफ जवाबदेही अदालत ने बुधवार को आरोप तय किए है। देश की भ्रष्टाचार निरोधी निकाय राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) ने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के भाई शहबाज और पंजाब सूबे की विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हमजा के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
न्यायाधीश जवादुल हसन ने दोनों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में आरोप तय किए। हालांकि, पिता और पुत्र ने उन पर लगे आरोपों से इनकार किया और खुद को निर्दोष बताया। शहबाज ने प्रधानमंत्री इमरान खान का संदर्भ देते हुए अदालत से कहा कि राजनीतिक विरोधियों ने उनके और परिवार के सदस्यों के खिलाफ झूठे मामले बनाए।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने लाहौर मेट्रो ट्रेन परियोजना में 81 अरब रुपये बचाए और पंजाब सूबे का दस साल तक मुख्यमंत्री रहते हुए खरबों रुपये की बचत विभिन्न विकास योजनाओं में की। अगर मेरी मौत के बाद भी एक रुपये के भ्रष्टाचार का आरोप साबित होता है तो कब्र से निकालकर मुझे फांसी पर चढ़ा दिया जाए।’’
उन्होंने कहा कि एनएबी का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को साधने के लिए हो रहा है। शहबाज ने कहा, ‘‘ एनएबी अब तक मेरे और परिवार के सदस्यों के खिलाफ एक भी सबूत पेश नहीं कर पाया है।’’ शहबाज को सुनने के बाद अदालत ने 26 नवंबर को होने वाली अगली सुनवाई में एनएबी को अभियोजन पक्ष के गवाहों को पेश करने को कहा।
उल्लेखनीय है कि शहबाज को सितंबर के आखिरी हफ्ते में एनएबी ने गिरफ्तार किया था और वह इस समय अपने बेटे के साथ लाहौर की कोट लखपत जेल में कैद हैं। वहीं, एनएबी का आरोप है कि शहबाज की संपत्ति वर्ष 2008 से 2018 के बीच कई गुना बढ़ी और वह इसके स्रोतों की जानकारी नहीं दे सके। वे नहीं बता सके कि लंदन में चार अपार्टमेंट की खरीद कैसे की और कब कारोबार शुरू किया और उससे होने वाली आय की भी जानकारी देने में वह असफल रहे।


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