क्वेटा, 1 मई (आईएएनएस)। बलोच मानवाधिकार कार्यकर्ता मीर यार बलोच ने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोलते हुए उसकी “दोहरी मानसिकता” और “झूठे प्रचार” को दुनिया के सामने उजागर करने का दावा किया है। उन्होंने दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया में हुए हालिया विरोध प्रदर्शन पर पाकिस्तान की टिप्पणी को सिरे से खारिज करते हुए इसे बदनाम करने की साजिश बताया।
दरअसल, पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने गुरुवार को साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान जामिया मिल्लिया इस्लामिया में इस सप्ताह हुए एक विरोध प्रदर्शन पर टिप्पणी की थी। यह प्रदर्शन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े एक कार्यक्रम के दौरान हुआ था।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मीर यार बलोच ने कहा कि पाकिस्तान, जो बलोच छात्रों से शिक्षा के अवसर छीनता है, उसे भारत जैसे लोकतांत्रिक देश को उपदेश देने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत में छात्रों को शिक्षा संस्थानों तक पहुंच, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और खुली बहस का अधिकार मिलता है, जबकि पाकिस्तान बलोचिस्तान में छात्रों और किताबों दोनों को हिरासत में लेता है।
मीर यार बलोच ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा, “भारत छात्रों को किताबें देता है, जबकि पाकिस्तान बलोचिस्तान में किताबों के साथ छात्रों को भी बंद कर देता है। भारत छात्रों को पढ़ने देता है, लेकिन पाकिस्तान ने हमारे संस्थान बंद कर दिए हैं।”
उन्होंने वीडियो साझा कर आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने बलोच साहित्य पर रोक लगा रखी है और किताबों की दुकानों व कैंपसों में पुस्तकों पर प्रतिबंध लगाया जाता है।
एक अन्य वीडियो का हवाला देते हुए उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियां, सेना और प्रशासन किताबें जब्त करते हैं। उनका आरोप है कि बलोचिस्तान के शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों को किताबें पढ़ने की अनुमति नहीं दी जाती और विभिन्न कैंपसों से छात्रों की गिरफ्तारियां की जाती हैं।
मीर यार बलोच ने कहा कि पाकिस्तान आज दुनिया के सबसे धोखेबाज देशों में से एक के रूप में बेनकाब हो चुका है। उन्होंने 2019 में बलोचिस्तान विश्वविद्यालय में कथित रूप से छात्राओं के वॉशरूम में गुप्त कैमरे लगाए जाने के मामले का भी जिक्र किया और इसे मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन बताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि हजारों बलोच छात्र और युवा मनमाने ढंग से हिरासत में लिए गए, उन्हें यातनाएं दी गईं और कई लोगों की मौत हो गई, जिससे परिवारों में डर और शोक का माहौल है।
उन्होंने कहा, “जहां आपराधिक गिरोह और ड्रग माफिया खुलेआम घूमते हैं, वहीं कोई बलोच युवक अगर कलम उठाए या आवाज बुलंद करे तो उसे तुरंत निशाना बनाया जाता है। उसे गिरफ्तार किया जाता है, चुप कराया जाता है या मार दिया जाता है।”
मीर यार बलोच ने पाकिस्तान पर सीमाओं के बाहर भी शैक्षणिक संस्थानों और नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में पाकिस्तानी मिसाइल हमलों में सैयद जमालुद्दीन विश्वविद्यालय को निशाना बनाया गया, जिसमें कई छात्र मारे गए और घायल हुए।
–आईएएनएस
डीएससी
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)


Download Android App
Download iOS App



